IndiGo Crisis
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) में हाल के दिनों में सामने आए संचालन संकट को लेकर अब मामला संसद तक पहुंच गया है। उड़ानों में लगातार व्यवधान और यात्रियों की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए संसदीय स्थायी समिति ने इंडिगो के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) इसिड्रो पोरक्वेरास को नोटिस जारी किया था। इसी क्रम में बुधवार को इसिड्रो पोरक्वेरास संसद पहुंचे, जहां उन्हें समिति के समक्ष अपना पक्ष रखना है।
DGCA और पायलट संगठनों को भी बुलाया गया
इस अहम बैठक में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न पायलट संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। समिति इंडिगो संकट के पीछे के कारणों, संचालन में आई खामियों, पायलटों की कमी, उड़ान रद्द होने की स्थिति और यात्रियों को हुई असुविधाओं पर विस्तृत चर्चा करेगी।
एक हफ्ते से अधिक समय तक प्रभावित रहीं उड़ानें
गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से अधिक समय तक इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित रहीं। देशभर के कई हवाई अड्डों पर उड़ानों के रद्द होने और देरी के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, एयरलाइन ने दावा किया है कि अब उसकी अधिकांश सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन संसद की समिति इस संकट को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
इंडिगो संकट को लेकर संसद में विपक्ष ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में निगरानी और नियमन में कमी के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई, जिसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ा।
संसदीय समिति की सख्ती
सूत्रों के अनुसार, समिति इंडिगो प्रबंधन से यह जानना चाहती है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों के अधिकारों की रक्षा, मुआवजे की व्यवस्था और परिचालन सुरक्षा जैसे मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
यह बैठक न केवल इंडिगो, बल्कि पूरे विमानन क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके निष्कर्ष आगे की नीतियों और सख्त दिशा-निर्देशों का आधार बन सकते हैं।








