India US trade relations: अमेरिका के साथ व्यापार में भारत को मिल सकती है बड़ी बढ़त, सरप्लस 90 अरब डॉलर पार होने का अनुमान

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India US trade relations:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर आर्थिक संभावनाएं तेजी से चर्चा में हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समझौता भारत के लिए निर्यात बढ़ाने और व्यापार संतुलन मजबूत करने का बड़ा अवसर बन सकता है।

ट्रेड सरप्लस में बड़ी बढ़त की उम्मीद

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) आने वाले समय में 90 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारतीय उत्पादों के निर्यात में संभावित उछाल के कारण संभव मानी जा रही है। टैरिफ में कमी के बाद अमेरिका को भारत के प्रमुख 15 उत्पादों का निर्यात लगभग 97 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि कुल निर्यात 100 अरब डॉलर के पार जाने का अनुमान है।

निर्यात में अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी

वर्तमान में भारत अपने कुल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत अमेरिका को भेजता है, जबकि अमेरिका से आयात केवल 7 प्रतिशत के आसपास है। सेवा क्षेत्र में भी अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में मजबूत पकड़ है और नए समझौते से इसे और बढ़ावा मिल सकता है।

आयात और निवेश के नए अवसर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। अनुमान है कि इससे अमेरिका से भारत में सालाना लगभग 50 अरब डॉलर का निर्यात हो सकता है। टैरिफ में अतिरिक्त कटौती होने पर कृषि और अन्य उत्पादों का आयात बढ़कर 55 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेड डील भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोल सकती है और जीडीपी वृद्धि में भी योगदान दे सकती है। कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यह समझौता एक अहम कदम माना जा रहा है।

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