India-US trade deal
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापारिक समझौता को लेकर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस डील के तहत भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर अपने बाजार को अमेरिका के लिए खुला कर दिया है। डील में अमेरिका ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को कम कर 32 प्रतिशत कर दिया है, जबकि भारत अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर का आयात करेगा, जिसमें ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि और कोयला शामिल हैं।
कांग्रेस ने किस विषय को लेकर सवाल उठाया है?
कांग्रेस ने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि क्या भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर देगा और इसके बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसके साथ ही अमेरिका के लिए भारत का कृषि और औद्योगिक बाजार खुलने से किसानों और व्यापारियों पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि ‘मेक इन इंडिया’ की अवधारणा और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा इस डील में खतरे में पड़ सकती है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने क्या कहा
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि डील में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा, जबकि भारत ने अमेरिकी आयात पर कोई टैरिफ नहीं रखा। इस प्रकार भारत का बाजार पूरी तरह अमेरिकी सामानों के लिए खुला हो गया है।कांग्रेस ने आग्रह किया है कि मोदी सरकार संसद और देश को पूरी डील की डिटेल्स साझा करे ताकि किसानों, व्यापारियों और निवेशकों के हित सुरक्षित रह सकें। विपक्ष ने यह भी कहा कि यह डील केवल औपचारिक तौर पर फायदे का सौदा हो सकती है, लेकिन देश की आर्थिक और रणनीतिक स्वायत्तता पर गंभीर असर डाल सकती है।
इस तरह, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के साथ कई राजनीतिक और आर्थिक सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिनका जवाब सरकार को संसद और जनता के सामने देना होगा।












