Tariq Rahman
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी शत्रुता गंभीर और चिंताजनक विषय है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत बांग्लादेश में हो रहे राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
अल्पसंख्यकों पर हिंसा पर भारत की चिंता
MEA ने कहा कि बांग्लादेश में हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, लिंचिंग और हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता और मानवाधिकारों के लिहाज से गंभीर हैं। भारत ने दोहराया कि वह पड़ोसी देश में शांति, स्थिरता और सभी समुदायों की सुरक्षा का पक्षधर है।
तारिक रहमान की वापसी पर पहली प्रतिक्रिया
इस बीच, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की स्वदेश वापसी पर भी भारत की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है और तारिक रहमान की वापसी को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
कौन हैं तारिक रहमान
तारिक रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। वे वर्ष 2008 से लंदन में रह रहे थे और वहीं से बीएनपी का नेतृत्व कर रहे थे। उन पर भ्रष्टाचार और 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले समेत कई मामलों में सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बीएनपी का दावा है कि ये सभी मामले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थे।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम
बांग्लादेश इस समय राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। फरवरी में प्रस्तावित चुनाव से पहले हालात संवेदनशील बने हुए हैं। अवामी लीग के चुनाव से दूर रहने और अंतरिम सरकार के दौर में भारत से दूरी व पाकिस्तान से नजदीकी के संकेतों ने नई चिंताएं पैदा की हैं। ऐसे में भारत बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।

