फॉरेन लैंग्वेज सीखते हैं तो हिंदी क्यों नहीं? पवन कल्याण ने उठाया सवाल

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Pawan Kalyan :

नई दिल्ली, एजेंसियां। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और साउथ स्टार पवन कल्याण ने हाल ही में तेलुगु भाषी लोगों से हिंदी भाषा को अपनाने की अपील की है। हैदराबाद में ऑफिशियल लैंग्वेज डिपार्टमेंट के “दक्षिण संवाद” के गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन में पवन कल्याण ने कहा कि हिंदी पूरे भारत को जोड़ने वाली एक ताकत है। उन्होंने सवाल उठाया कि हम फॉरेन लैंग्वेज सीखते हैं, लेकिन अपनी देश की हिंदी भाषा सीखने में झिझक क्यों महसूस करते हैं।

पवन कल्याण ने कहा



पवन कल्याण ने एक पारिवारिक उदाहरण देते हुए कहा, "अगर तेलुगु हमारी मां के समान है, तो हिंदी हमारी मौसी के समान है।" उन्होंने आगे कहा कि हिंदी कोई अनिवार्य भाषा नहीं, बल्कि ऐसी भाषा है जो पूरे देश में आसानी से समझी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे खुद सोशल मीडिया पर हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

नफरत और झिझक छोड़कर हिंदी को अपनाना चाहिए

पवन कल्याण ने जोर देकर कहा कि नफरत और झिझक छोड़कर हिंदी को अपनाना चाहिए। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का हवाला देते हुए कहा कि भाषा दिलों को जोड़ने का जरिया होती है, इसलिए हिंदी से प्रेम करना चाहिए। वर्क फ्रंट की बात करें तो पवन कल्याण की फिल्म ‘हरी हरा वीरा मल्लू’ रिलीज होने वाली है, जिसका दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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