EMI not paid mobile locked:
मुंबई, एजेंसियां। RBI, EMI पर खरीदे जाने वाले प्रोडक्ट्स को लेकर नए नियम लाने की तैयारी में है। मकसद है- मोबाइल, टीवी जैसे प्रोडक्ट्स के लिए छोटे कर्जों की वसूली को आसान बनाना।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ऐसी व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कंज्यूमर अगर EMI नहीं चुकाए तो कर्ज पर खरीदा गया प्रोडक्ट और उसकी सेवाएं दूर से बंद की जा सकेंगी। इसका उद्देश्य मोबाइल, टीवी, वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स के लिए छोटे कर्जों की वसूली को आसान बनाना है। RBI ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इस विषय पर चर्चा की है।
ब्याज दरें घटाने का दबावः
फाइनेंस एक्सपर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक को एक खास पहलू पर भी गौर करने की जरूरत होगी। फोन, लैपटॉप या इस तरह की अन्य चीजें खरीदने के लिए मिलने वाला कर्ज कोलेटरल-फ्री होता है। यानी इनके बदले ग्राहक की कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती। इसलिए इनकी ब्याज दर ज्यादा यानी 14-16% होती है।
ऐसे में यदि नई व्यवस्था लागू होती है, तो ये कर्ज सुरक्षित लोन (जैसे होम, ऑटो लीन) की कैटेगरी में आ आएंगे। ऐसे में बैंकों को ये अधिकार देने से पहले ऐसे लोन की कैटेगरी बदलनी होगी और ब्याज दरें भी घटानी होंगी।
विदेशों में ये सिस्टम लागूः
अमेरिका समेत कई देशों में ऐसे सिस्टम हैं कि EMI न भरने पर कार स्टार्ट नहीं हो सकती।
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