Rahul Gandhi: ‘मैंने संविधान की शपथ ली है, एफिडेविट नहीं दूंगा’: राहुल गांधी का चुनाव आयोग को सख्त जवाब

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Rahul Gandhi:

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आयोग भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार (8 अगस्त) को चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और कहा कि आयोग उनसे एफिडेविट (हलफनामा) मांग रहा है जबकि उन्होंने संविधान की शपथ ली है।

राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग जनता के सामने अपने डेटा को लेकर सवालों से बचने के लिए उनकी वेबसाइट बंद कर चुका है और यह दर्शाता है कि उनका पूरा तंत्र जनता के सवालों का सामना नहीं कर पा रहा। उन्होंने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में INDIA गठबंधन ने जीत हासिल की थी, लेकिन 4 महीने बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आ गई, जबकि उस समय एक करोड़ से अधिक नए मतदाता मतदान करने आए, जो संदिग्ध है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर उठाया सवाल

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से कई सवाल भी उठाए हैं, जैसे कि चुनाव आयोग ने वीडियो सबूत क्यों नष्ट किए और क्या वोटर लिस्ट में धांधली हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा और भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। राहुल ने कहा कि उन्होंने संसद में संविधान की शपथ ली है और वह देश के संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें अंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नारायण गुरु और फुले जैसे नेताओं की आवाजें गूंजती हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत का संविधान हर नागरिक को वोट का अधिकार देता है और ऐसे मामलों की जांच होना जरूरी है।

चुनाव आयोग ने मांगे गए एफिडेविट

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगे गए एफिडेविट पर कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वे कार्रवाई करेंगे। इस बीच राहुल गांधी ने आयोग की भूमिका पर सवाल उठाकर राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है। इस बयान के बाद चुनाव आयोग और राहुल गांधी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

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