HPV vaccine age:
नई दिल्ली, एजेंसियां। एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक आम वायरस है, जो मुख्य रूप से त्वचा से त्वचा के संपर्क और यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एवं रिसर्च सेंटर की सीनियर कंसल्टेंट (प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी) डॉ. शशि रखेजा के अनुसार, अधिकतर लोग जीवन में कभी न कभी HPV से संक्रमित होते हैं, लेकिन सभी मामलों में यह खतरनाक नहीं होता। समस्या तब पैदा होती है जब HPV के कुछ हाई-रिस्क प्रकार शरीर में लंबे समय तक बने रहते हैं और धीरे-धीरे कैंसर का कारण बन जाते हैं।एचपीवी संक्रमण खासतौर पर सर्वाइकल कैंसर, गले, एनल और जननांगों से जुड़े कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है।
HPV वैक्सीन कैसे करती है काम?
HPV वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करती है। यह शरीर में एंटीबॉडी बनाती है, जो भविष्य में HPV वायरस के संपर्क में आने पर संक्रमण से बचाव करती हैं। यह वैक्सीन इलाज नहीं बल्कि बचाव का जरिया है, इसलिए इसे संक्रमण से पहले लगवाना सबसे ज्यादा प्रभावी होता है। यह लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए जरूरी है, क्योंकि पुरुषों में भी HPV से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
किसे और कब लगवानी चाहिए वैक्सीन?
HPV वैक्सीन 9 से 14 वर्ष की उम्र में सबसे ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। इस उम्र में दो डोज दी जाती हैं, जिनके बीच 6 से 12 महीने का अंतर होता है।
15 से 26 वर्ष की उम्र के युवाओं को भी यह वैक्सीन लगवाई जा सकती है, जिसमें तीन डोज की जरूरत होती है। कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह पर 45 वर्ष तक भी टीकाकरण किया जा सकता है।
क्या है वैक्सीन के साइड इफेक्ट?
HPV वैक्सीन को सुरक्षित माना गया है। इसके हल्के साइड इफेक्ट जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार या थकान हो सकती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं।
क्यों है HPV वैक्सीन जरूरी?
HPV वैक्सीन गंभीर कैंसर से बचाव का एक प्रभावी तरीका है। समय पर टीकाकरण कराकर भविष्य में होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी वैक्सीन या उपचार से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

