SPG women commandos:
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की महिला कमांडो एक अहम भूमिका निभाती हैं। यह टीम प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात होती है, और इसमें महिला कमांडो भी अपनी ताकत और साहस का परिचय देती हैं।
भर्ती प्रक्रिया
SPG में किसी भी तरह की डायरेक्ट भर्ती नहीं होती। महिला और पुरुष दोनों कमांडो का चयन पहले से सेवा में तैनात अधिकारियों में से किया जाता है। इसके लिए IPS, CISF, BSF, और CRPF जैसे केंद्रीय बलों से अधिकारियों को चुना जाता है।
चयन प्रक्रिया में शारीरिक फिटनेस, दौड़, स्विमिंग, साइकॉलॉजिकल टेस्ट और रिटेन टेस्ट की कड़ी परीक्षा होती है। उम्मीदवार का सर्विस रिकॉर्ड और अनुशासन भी महत्वपूर्ण होता है। एक बार चयन होने के बाद, उन्हें तीन साल की पोस्टिंग दी जाती है, जिसके बाद वे अपनी मूल यूनिट में वापस लौट जाते हैं।
ट्रेनिंग
SPG की ट्रेनिंग दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंग्स में से मानी जाती है। महिला कमांडो को रनिंग, स्विमिंग, मार्शल आर्ट्स, वेपन हैंडलिंग, स्नाइपर ट्रेनिंग, और बम डिस्पोजल जैसे तकनीकी कौशल सिखाए जाते हैं। इसके अलावा, आतंकवादियों के हमले, डार्क ऑपरेशन, और इमरजेंसी में त्वरित निर्णय लेने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। महिला कमांडो क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) का हिस्सा होती हैं और प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के दौरान एडवांस सिक्योरिटी लायजन (ASL) के तहत भी सुरक्षा प्रदान करती हैं।
सैलरी
SPG कमांडो की सैलरी उनके रैंक और अनुभव पर निर्भर करती है। सैलरी 84,236 रुपये से लेकर 2,39,457 रुपये तक हो सकती है। इसमें जोखिम भत्ता, स्पेशल ड्यूटी भत्ता, और ड्रेस अलाउंस भी शामिल होते हैं।
बेसिक पे: ₹35,400 से ₹1,12,400
जोखिम भत्ता: ₹10,000 से ₹25,000
स्पेशल ड्यूटी भत्ता: ₹7,500 से ₹20,000
वार्षिक पैकेज: ₹13.2 लाख से ₹24 लाख तक
कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी ₹97,601 से ₹1,00,245 प्रति माह तक हो सकती है।
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