Uttarkashi:
देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले स्थित यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में एक बार फिर संकट गहरा गया है। गुरुवार को कुपडागाड़ से आए मलबे के कारण यमुना नदी का प्रवाह रुक गया, जिससे एक बड़ी झील बन गई है। इस झील के पानी से यहां के बाजार, स्कूल और घरों में पानी भर गया है, जबकि कई पुल भी आधे डूब चुके हैं।
सुरक्षा के मद्देनज़र आस-पास के मकानों और होटलों को खाली करवा लिया गया है और लगभग 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। यदि यह झील टूटती है, तो पूरा गांव बह सकता है, जैसा कि पहले धराली गांव में देखा गया था।सांसद, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस, अग्निशमन सेवा और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रित करने में लगी है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने निचले इलाकों के लोगों को चेतावनी दी है कि वे यमुना नदी के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके अलावा ओजरी, पूजारगांव, पाली, खरादी और कुथनोर को भी सतर्क कर दिया गया है।
यह पहला मौका नहीं है…
यह पहला मौका नहीं है, जब इस क्षेत्र में झील बनी हो। इससे पहले 28 जून को बादल फटने के कारण कुपडागाड़ से भारी मलबा आया था और यमुना नदी का प्रवाह रुक गया था, जिसके कारण झील का पानी होटलों की निचली मंजिलों तक पहुंच गया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद मलबा हटाने पर पानी धीरे-धीरे कम हो गया था।बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि उनकी पार्टी संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है।
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