Cough Syrup:
शिमला, एजेंसियां। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर सख्त कदम उठाया है। राज्य में इस सिरप का इस्तेमाल, बिक्री और प्रिस्क्रिप्शन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह कदम मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) की उच्च मात्रा पाए जाने के बाद उठाया गया है, जिसने बच्चों की मौत का कारण बना।
हिमाचल में बद्दी इंडस्ट्रियल एरिया में बनाई जाने वाली Nastro-DS कफ सिरप का उत्पादन भी एहतियातन रोक दिया गया है। इस सिरप का निर्माण Aquinova कंपनी द्वारा किया जाता है। हालांकि, अभी तक हिमाचल प्रदेश सरकार या केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट में यह पुष्टि नहीं हुई है कि Nastro-DS सिरप में हानिकारक तत्व मौजूद हैं। कंपनी ने भी फाइनल रिपोर्ट आने तक उत्पादन और सप्लाई रोक रखने का भरोसा दिया है।
राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी फार्मासिस्ट और चिकित्सक इस सिरप का प्रिस्क्रिप्शन न लिखें और बिक्री से दूर रहें। इसके साथ ही बाजार में उपलब्ध स्टॉक को भी जब्त किया जाएगा। इस कदम के तहत ड्रग विभाग ने सभी जिलों में एहतियात के तौर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
कर्नाटक में भी स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 5 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी सिरप का सेवन कराते समय सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी तक कोई बच्चों की मौत से जुड़ा मामला सामने नहीं आया है। राज्य में सभी कफ सिरप के सैंपल लेकर गुणवत्ता जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के कदम यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकारें बच्चों की सुरक्षा और दवा गुणवत्ता पर पूरी सतर्कता बरत रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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