GST 2.0: तंबाकू और लग्जरी सामान पर 40% टैक्स, महंगी होंगी सिगरेट-गुटखा

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GST 2.0:

नई दिल्ली, एजेंसियां। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार रात ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ जीएसटी रिफॉर्म्स का ऐलान किया। नए स्ट्रक्चर के तहत जीएसटी को दो मुख्य स्लैब में बांटा गया है 5% और 18%। इसके साथ ही लग्जरी और सिन गुड्स पर अब 40% जीएसटी लगाया जाएगा। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं।

पहले कंपनसेशन था अब जीएसटी:

पहले इन वस्तुओं पर कंपनसेशन सेस लगाया जाता था, लेकिन अब इसे जीएसटी में मिला दिया गया है। सरकार का कहना है कि 2017 में जब जीएसटी लागू हुआ था, तब राज्यों को राजस्व नुकसान से बचाने के लिए यह सेस लगाया गया था। कोविड-19 के दौरान केंद्र ने 2.69 लाख करोड़ रुपये का कर्ज उठाया था, जिसे चुकाने के लिए इसकी अवधि 2026 तक बढ़ा दी गई थी। अब सेस को समाप्त कर सीधे जीएसटी ढांचे में समाहित कर दिया गया है।

GST 2.0:

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि टैक्स अब एक्स-फैक्ट्री कीमतों के बजाय खुदरा कीमतों पर लगेगा। उदाहरण के लिए, जो सिगरेट पैकेट पहले 256 रुपये में मिलता था, अब 280 रुपये का हो जाएगा। यानी ग्राहकों को 24 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।

40% जीएसटी स्लैब में आने वाले उत्पाद:

सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और चबाने वाला तंबाकू
सिगार, चुरूट और तंबाकू विकल्प वाले उत्पाद
कार्बोनेटेड पेय, शर्करा युक्त ड्रिंक्स और कैफीनयुक्त पेय
फ्रूट जूस आधारित कार्बोनेटेड ड्रिंक्स

लग्जरी कारें:

इस बदलाव से जहां आम जरूरत की वस्तुएं सस्ती होंगी, वहीं नशे से जुड़े और लग्जरी सामान महंगे होंगे। सरकार का मानना है कि इससे एक ओर अस्वास्थ्यकर उत्पादों की खपत पर रोक लगेगी और दूसरी ओर राजस्व में इजाफा होगा। कुल मिलाकर, जीएसटी 2.0 आम उपभोक्ता को राहत देता है लेकिन सिगरेट, तंबाकू और लग्जरी आइटम्स के शौकीनों के लिए जेब पर बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा।

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