SMS hospital fire:
जयपुर, एजेंसियां। राजस्थान की राजधानी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड ने राजनीतिक और सामाजिक गहमागहमी बढ़ा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को राज्य सरकार की लापरवाही और चूक करार दिया, वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मरीजों की मौत और एक्सपायरी दवाओं के इस्तेमाल पर सरकार को घेरा।
गहलोत ने कहा
गहलोत ने कहा कि अस्पताल की अंदर की स्थिति बेहद खराब थी और पीड़ितों को मुख्यमंत्री के आने पर भी बिना वार्ता के छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने मृतक परिजनों को धमकाया और दूर खदेड़ दिया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि 6-7 दिनों से खांसी की दवाओं के कारण मौतें हुईं और चिकित्सा मंत्री कंपनियों को क्लीन चिट दे रहे हैं।
अग्निकांड के पीड़ितों ने बताया
अग्निकांड के पीड़ितों ने बताया कि रात 11:20 बजे आग लगी और उन्हें ही आईसीयू से मरीज बाहर निकालने पड़े। अस्पताल स्टाफ मदद नहीं कर सका और पुलिस ने परिजनों को रोककर मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया।
वहीं, सरकार की ओर से गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य और उपचार सुनिश्चित किया। उन्होंने बताया कि सभी मृतकों के परिजनों को संवेदनाएं दी गईं और प्रशासन प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
कैबिनेट मंत्री सुरेश रावत ने कहा
कैबिनेट मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि सरकार ने जांच कमेटी बनाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस दुखद घटना पर राजनीति न करें और सुझाव देने में मदद करें।
इस घटना ने अस्पताल सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच, पीड़ित परिवार न्याय और सही उपचार की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन बचाव और राहत कार्यों में लगा हुआ है।
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