Made in Bharat: डिजिटल से डिफेंस तक बज रहा है ‘मेड इन Bharat’ का डंका, इस 5 इनोवेशन की बदौलत भारत है मार्केट लीडर

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Made in Bharat:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत अब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में उभर रहा है। रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष सहित कई क्षेत्रों में भारत ने स्वदेशी इनोवेशन के जरिए अपनी पहचान बनाई है, जो न केवल आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनते हैं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल भी साबित हो रहे हैं।

भारत की रक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल टेक्नोलॉजी में 5 प्रमुख स्वदेशी इनोवेशन ने इसे वैश्विक स्तर पर एक मार्केट लीडर बना दिया है। आइए जानते हैं वे 5 प्रमुख इनोवेशन:

  • तेजस लड़ाकू विमान (HAL Tejas)

भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह चौथी पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड और प्रिसिजन स्ट्राइक जैसी क्षमताओं से लैस है। यह हल्का, फुर्तीला और अत्याधुनिक एवियोनिक्स से युक्त है, जो इसे विश्वस्तरीय बनाता है। भारतीय वायुसेना ने पहले ही तेजस के कई स्क्वाड्रन शामिल कर लिए हैं और इसे निर्यात करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। तेजस की सफलता भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की एक बड़ी छलांग है।

  • आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम

आकाश: यह स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम दुश्मन के विमानों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। इसकी रेंज 25–30 किमी तक है। यह भारतीय सेना और वायुसेना में तैनात है और भारत की स्ट्रैटेजिक सुरक्षा को मजबूत करता है।

ब्रह्मोस: यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत और रूस की संयुक्त परियोजना है, जिसे भारत में बनाया जाता है। इसकी रेंज 290 किमी से ज्यादा है और यह ध्वनि की गति से तीन गुना तेज़ चलती है। इसे दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल माना जाता है, जो भारत की स्ट्रैटेजिक ताकत को कई गुना बढ़ा चुकी है।

  • विक्रम प्रोसेसर (RISC-V आधारित चिप)

IIT मद्रास ने भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर “विक्रम” विकसित किया है, जो RISC-V ओपन-सोर्स आर्किटेक्चर पर आधारित है। यह भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसर डिजाइन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। विक्रम प्रोसेसर का इस्तेमाल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और कम्युनिकेशन डिवाइस में किया जा सकता है। अब तक भारत माइक्रोप्रोसेसर तकनीक के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर था, लेकिन विक्रम के आने से भारत चिप निर्माण में भी वैश्विक खिलाड़ी बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

  • कोवैक्सिन और DNA आधारित वैक्सीन

भारत ने COVID-19 महामारी के दौरान न केवल स्वदेशी वैक्सीन “Covaxin” विकसित की, बल्कि दुनिया की पहली DNA आधारित वैक्सीन ZyCoV-D भी बनाई।Covaxin भारत बायोटेक ने ICMR के साथ मिलकर तैयार की थी और इसने भारत को महामारी से लड़ने में आत्मनिर्भर बनाया। ZyCoV-D ने वैक्सीन टेक्नोलॉजी में भारत को वैश्विक पायदान पर खड़ा किया। इन दोनों वैक्सीनों ने भारत को “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” की उपाधि दिलाई, क्योंकि भारत ने सस्ती दरों पर करोड़ों डोज अन्य देशों को भी उपलब्ध कराईं।

  • UPI और डिजिटल इंडिया प्लेटफॉर्म

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत की डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा चेहरा है। 2016 में लॉन्च हुआ UPI अब दुनिया का सबसे तेज, सस्ता और सुरक्षित डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है।हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन होने के बावजूद इसकी तकनीक विश्वस्तरीय और भरोसेमंद है।सिंगापुर, UAE और फ्रांस जैसे कई देशों ने भारत की UPI तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है।UPI न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में डिजिटल पेमेंट की परिभाषा बदल रहा है और यह भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।

ये स्वदेशी इनोवेशन साबित करते हैं कि भारत डिजिटल, रक्षा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। अब भारत केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन हब बन चुका है, जो दुनिया के सबसे प्रमुख देशों के बीच अपनी जगह बना रहा है।

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