Mouth ulcers:
नई दिल्ली, एजेंसियां। बार-बार मुंह में छाले होना केवल मौसम या मसालेदार भोजन की वजह से नहीं, बल्कि शरीर में जरूरी विटामिन की कमी का भी संकेत हो सकता है। खासकर विटामिन B12, B2, B9, B3 और विटामिन C की कमी से यह समस्या ज्यादा होती है। यदि मुंह में बार-बार छाले होते हैं या लंबे समय तक ठीक नहीं होते तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
डॉक्टर्स के मुताबिक
डॉक्टर्स के मुताबिक, विटामिन B12 की कमी सबसे आम वजह होती है। यह विटामिन रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और नर्वस सिस्टम के सही कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी, चक्कर आना और मुंह में छाले जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मांसाहारी लोग मीट, मछली, चिकन और डेयरी उत्पादों से इसे पा सकते हैं, जबकि शाकाहारी दूध, दही, पनीर, दालें और हरी सब्जियां खा सकते हैं।
विटामिन B2
विटामिन B2 (राइबोफ्लोविन) की कमी से भी मुंह में छाले हो सकते हैं, साथ ही त्वचा पर रैश और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। दूध, हरी सब्जियां और दालें इसके अच्छे स्रोत हैं। वहीं, विटामिन B9 (फोलेट) की कमी से शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण धीमा पड़ जाता है, जिससे छाले बढ़ सकते हैं। फोलेट पाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और साबुत अनाज खाना चाहिए।
विटामिन B3
विटामिन B3 (नायसिन) की कमी से पेलाग्रा नामक बीमारी होती है, जिसमें दस्त, त्वचा समस्याएं और मुंह के छाले होते हैं। मांस, मछली, मेवे और अनाज नायसिन के अच्छे स्रोत हैं। विटामिन C की कमी से स्कर्वी हो सकता है, जिससे मसूड़ों से खून आना और मुंह में घाव हो जाते हैं। संतरा, नींबू, अमरुद, किवी और शिमला मिर्च विटामिन C के मुख्य स्रोत हैं।
मुंह के छालों
मुंह के छालों से बचाव के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना जरूरी है। इसके अलावा नमक पानी से गरारे करना, मसालेदार और खट्टे खाने से बचना चाहिए। यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराएं। विटामिन की कमी को समय पर पूरा करने से इस परेशानी से बचा जा सकता है और स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सकता है।
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