Throw newborn son: नौकरी खोने के डर से माता-पिता ने नवजात बेटे को जंगल में फेंका

Juli Gupta
2 Min Read

Throw newborn son:

छिंदवाड़ा, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां-बाप ने जन्म के चार दिन बाद अपने नवजात बच्चे को जंगल में फेंक दिया। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी, लेकिन चमत्कारिक रूप से बच्चे की जान बच गई। आरोपी माता-पिता दोनों सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं और यह उनका चौथा बच्चा था।

रात भर जंगल में रहा बच्चा

जानकारी के अनुसार, सितंबर के आखिरी दिनों में बच्चे के जन्म के बाद आरोपी माता-पिता उसे रोड घाट के पास जंगल में ले गए और पत्थरों के बीच दबा कर भाग गए। अगले दिन सुबह वहां से गुजर रहे बाइक सवार और ग्रामीणों ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी और तुरंत बच्चे को बचाकर जिला अस्पताल पहुंचाया। बच्चा रात भर ठंड और जीव-जंतुओं के बीच जीवित रहा।

माता पिता गिरफ्तार

पुलिस ने अभिभावक बबलू और राजकुमारी डंडोलिया को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिता ने बताया कि चौथे बच्चे के जन्म के बाद उन्हें डर था कि उनकी सरकारी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने माना कि सरकारी नियमों के कारण नौकरी खोने का डर उन्हें इस नृशंस कदम पर मजबूर कर गया।

सरकारी नियमावली के अनुसार

हालांकि मध्य प्रदेश की सरकारी नियमावली के अनुसार, नौकरी पाने के बाद बच्चों की संख्या के कारण नौकरी छिनने का कोई प्रावधान नहीं है। स्थानीय अधिकारी इस मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। नवजात बच्चा अभी भी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है, जबकि उसके माता-पिता जेल में हैं। उनके तीन अन्य छोटे बच्चे भी अब इस स्थिति से प्रभावित हैं।

इसे भी पढ़ें

Farmers in Palamu: पलामू में किसानों के लिए खुशखबरी, जिले में जल्द उपलब्ध होगा 14,340 मीट्रिक टन यूरिया

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं