FASTag में बड़ी गड़बड़ी, बिना टोल पार किए कट गया टैक्स; लाखों मामलों में सरकार ने लौटाया पैसा

3 Min Read

FASTag error refund

नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच लाखों मामलों में वाहन चालकों से गलत तरीके से टोल टैक्स काट लिया गया, जबकि कई वाहन संबंधित टोल प्लाजा से गुजरे ही नहीं थे। इन मामलों में सरकार की ओर से रिफंड भी किया गया है।

मंत्री ने अपने लिखित जवाब में क्या बताया?

मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2025 के दौरान कुल करीब 464 करोड़ फास्टैग ट्रांजेक्शन हुए। इनमें से 17.6 लाख ट्रांजेक्शन ऐसे पाए गए, जिनमें गलत यूजर फीस कटने के बाद रकम लौटानी पड़ी। यह कुल ट्रांजेक्शन का मात्र 0.03 प्रतिशत है, लेकिन मंत्रालय का मानना है कि यात्रियों को ऐसी परेशानी नहीं होनी चाहिए थी। खास बात यह है कि लगभग 35 प्रतिशत मामलों में वाहन टोल प्लाजा पर मौजूद ही नहीं थे, फिर भी फास्टैग वॉलेट से पैसे कट गए।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, गलत कटौती की सबसे बड़ी वजह टोल प्लाजा पर की जाने वाली मैन्युअल वाहन नंबर एंट्री है। नेटवर्क या तकनीकी समस्या आने पर टोल कर्मी कई बार गलत नंबर दर्ज कर देते हैं, जिससे किसी दूसरे वाहन के फास्टैग अकाउंट से राशि डेबिट हो जाती है। इसी समस्या को देखते हुए मंत्रालय अब मैन्युअल एंट्री सिस्टम को पूरी तरह खत्म करने पर विचार कर रहा है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि फास्टैग लागू होने से टोल प्लाजा पर लगने वाला समय काफी कम हुआ है। जहां पहले मैन्युअल टोल सिस्टम में एक वाहन को औसतन 12.2 मिनट लगते थे, वहीं अब फास्टैग के जरिए यह समय घटकर करीब 40 सेकंड रह गया है। इससे ट्रैफिक जाम, ईंधन खपत और समय की बर्बादी में कमी आई है।

टोल संग्रह के आंकड़ों

टोल संग्रह के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही नेशनल हाईवे नेटवर्क से 50,195 करोड़ रुपये की यूजर फीस वसूली जा चुकी है, जो पिछले पूरे साल के आंकड़े के करीब है। अब सरकार का फोकस फास्टैग सिस्टम को और अधिक ऑटोमेटेड, सुरक्षित और एरर-फ्री बनाने पर है, ताकि यात्रियों का भरोसा मजबूत हो और गलत कटौती की समस्या पूरी तरह खत्म हो सके।

Share This Article