Election Commission: चुनाव आयोग का सख्त आदेश: बंगाल के दो ERO-AERO डाटा उल्लंघन के आरोप में निलंबित

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नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने डाटा सुरक्षा नीति के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल के बारुईपुर पुरबा और मोयना विधानसभा क्षेत्रों के दो ईआरओ (Electoral Registration Officer) और दो एईआरओ (Assistant Electoral Registration Officer) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मतदाता सूची में गलत प्रविष्टियां करने और ईआर डाटाबेस के लॉगिन क्रेडेंशियल्स अनाधिकृत व्यक्तियों से साझा करने के चलते की गई है।

क्या है मामला?

चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा 29 जुलाई 2025 को एक वीडियो और रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें विधानसभा संख्या 137 (बारुईपुर पुरबा) के ईआरओ और एईआरओ द्वारा मतदाता सूची में फर्जी या गलत प्रविष्टियों की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित अधिकारियों ने मतदाता पंजीकरण प्रणाली (ER Database) में प्रवेश करने वाले लॉगिन क्रेडेंशियल्स गैर-अधिकारिक व्यक्तियों के साथ साझा किए, जो डाटा सुरक्षा के घोर उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

निलंबित किए गए अधिकारियों के नाम हैं:

देबोताम दत्ता चौधुरी (ERO, बारुईपुर पुरबा)
तथागत मोंडल (AERO, बारुईपुर पुरबा)
बिप्लब सरकार (ERO, मोयना)
सुदीप्त दास (AERO, मोयना)

इसके अतिरिक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर सुरोजित हाल्दर पर भी एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।

आयोग ने क्या कहा?

ECI के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि ये अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहे और उन्होंने डाटा सुरक्षा के बुनियादी मानकों की अनदेखी की। आयोग ने कहा कि निर्वाचन से संबंधित कोई भी प्रक्रिया में गड़बड़ी सीधे लोकतंत्र की नींव को प्रभावित करती है, इसलिए इस तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

आगे की कार्रवाई

सभी चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
डाटा एंट्री ऑपरेटर के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही, आयोग द्वारा अन्य राज्यों में भी डाटा प्रोटेक्शन मानकों की समीक्षा की जा सकती है।

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