Drinking alcohol:
नई दिल्ली, एजेंसियां। पैंक्रियाज (अग्नाशय) का कैंसर एक बेहद खतरनाक और तेजी से बढ़ने वाला ‘साइलेंट किलर’ माना जाता है, जो अक्सर बिना लक्षणों के शरीर में पनपता रहता है और देर से पता चलता है। हाल ही में अमेरिका के मियामी में हुए एक शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अत्यधिक शराब का सेवन इस कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया
शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा मात्रा में शराब पीने से पैनक्रियास की वे कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जो पाचन एंजाइम बनाती हैं। इससे पैनक्रियास में लगातार सूजन बनी रहती है, जो आगे चलकर प्री-कैंसरस घाव और अंततः पैंक्रियाटिक कैंसर में बदल सकती है।इस अध्ययन में एक खास जीन CREB की भूमिका सामने आई, जिसे ‘मास्टर कंट्रोलर जीन’ कहा गया है। यह जीन स्वस्थ कोशिकाओं को असामान्य रूप में बदलकर कैंसर की शुरुआत करता है। शोधकर्ताओं ने जब इस जीन को निष्क्रिय किया, तो कैंसर की वृद्धि रुक गई।
किन लोगों को अधिक खतरा है?
65 साल से अधिक उम्र वाले
जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास हो
जो शराब और धूम्रपान करते हैं
मोटापा, डायबिटीज या क्रॉनिक पैनक्रियाटाइटिस से ग्रसित लोग
पैंक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती लक्षण:
लगातार थकान रहना
अचानक वजन कम होना
पाचन में समस्या और पेट दर्द
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (जॉन्डिस)
बचाव के उपाय:
शराब और धूम्रपान से दूर रहें
फाइबर युक्त डाइट लें
प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें
नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं
तनाव से बचें और एक्सरसाइज को
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