Operation Trashi-I
श्रीनगर, एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के केंद्र में है। किश्तवाड़ जिले के डोलगाम और चत्रू इलाकों में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन त्राशी-I का हिस्सा है, जिसके तहत जम्मू क्षेत्र में सक्रिय आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने का अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह डोलगाम और चत्रू क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान आतंकियों से संपर्क हुआ और मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या सुरक्षाबलों को हुए नुकसान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। व्हाइट नाइट कोर ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन अभी जारी है।
सीमावर्ती गांव चालियारी में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस बीच जम्मू जिले के सीमावर्ती गांव चालियारी में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं, जब शनिवार सुबह एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसपैठ करता हुआ देखा गया। बीएसएफ ने ड्रोन पर चार राउंड फायरिंग की, जिसके बाद वह वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया। घटना के बाद इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
क्या है ऑपरेशन त्राशी-I?
ऑपरेशन त्राशी-I एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान है, जिसे भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ मिलकर अंजाम दे रहे हैं। इस ऑपरेशन की शुरुआत जनवरी 2026 में किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र से हुई थी। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन, विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी, इस क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में ठिकाने बनाकर सक्रिय हैं।
घने जंगल, ऊंचे पहाड़ में छिपते हैं आतंकी
डोलगाम और चत्रू जैसे इलाके भौगोलिक रूप से बेहद कठिन माने जाते हैं। घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और सीमित सड़क संपर्क आतंकियों को छिपने में मदद करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक के सहारे ऑपरेशन को आगे बढ़ा रहे हैं। ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है और जमीनी स्तर पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। यूनिट्स के बीच रियल-टाइम कम्युनिकेशन के जरिए तालमेल बनाए रखा जा रहा है।
ऑपरेशन त्राशी-I को जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में आतंकियों ने जम्मू के पहाड़ी जिलों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की है। इस अभियान के जरिए सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि दुर्गम इलाकों में भी आतंकियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं छोड़ा जाएगा।








