DGCA strict action IndiGo
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते 11 दिनों से अपने इतिहास के सबसे गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। रोजाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करने वाली और घरेलू बाजार में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इस एयरलाइन पर लगातार बढ़ती शिकायतों, उड़ान रद्दी, देरी और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी संकट के बीच एयरलाइन ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए चार फ्लाइट इंस्पेक्टरों को बर्खास्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार
सूत्रों के अनुसार, इन इंस्पेक्टरों पर उड़ानों और ऑपरेशनल मानकों की निगरानी में लापरवाही का आरोप था। DGCA पिछले कई दिनों से इंडिगो के परिचालन की कड़ी जांच कर रहा है, खासकर सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्टाफ प्रबंधन से जुड़ी कमियों को लेकर।यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गुरुवार को इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स दूसरी बार DGCA के समक्ष पेश हुए। उनसे संकट के कारणों, उड़ान संचालन में आई गड़बड़ियों और सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत पूछताछ की गई।एयरलाइन का मार्केट कैप
इंडिगो ने गुरुवार को ही हालिया संकट से प्रभावित यात्रियों के लिए रिफंड के अलावा अतिरिक्त मुआवजा देने का भी एलान किया था। इसके बावजूद एयरलाइन का मार्केट कैप करीब 21,000 करोड़ रुपये तक गिर चुका है, जो निवेशकों की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।DGCA की कार्रवाई और इंडिगो का कठोर निर्णय संकेत देता है कि एयरलाइन अपने परिचालन को स्थिर करने और नियामक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो को सामान्य स्थिति में लौटने में अभी कुछ समय लग सकता है।

