Delhi Blast:
नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली सोमवार शाम लाल किले के पास भीड़भरे इलाके में हुए भयंकर धमाके से दहल उठी। लाल किला मेट्रो स्टेशन के नजदीक सुभाष मार्ग पर चलती आई-20 कार (HR-26-CE 7674) में धमाका शाम करीब 6:52 बजे हुआ। इस हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए और 24 घायल हुए। धमाके से आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई।
धमाके की प्रारंभिक जानकारी और जांच:
प्रारंभिक जांच में इसे आतंकी हमला बताया जा रहा है। धमाके की आवाज ढाई किलोमीटर दूर तक आईटीओ चौराहे तक सुनाई दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से धातु के टुकड़े, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और जलने के निशान इकट्ठा किए। दमकल विभाग की 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। एनएसजी, एनआईए, एफएसएल और दिल्ली पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं।
कार का इतिहास और पुलवामा से संबंध:
जांच में खुलासा हुआ कि धमाके वाली कार कई बार बेची जा चुकी थी। कार का रजिस्ट्रेशन गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम था, जिसे ओखला निवासी देवेंद्र ने खरीदा और फिर अंबाला के किसी तीसरे व्यक्ति को बेचा। अंत में यह कार पुलवामा निवासी तारिक के पास गई। पुलवामा में 2019 में इसी तरह का वाहन विस्फोटक भरकर हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।
हाई अलर्ट और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा, मुंबई और अन्य राज्यों में हाई अलर्ट जारी किया गया। पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से स्थिति की जानकारी ली और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई। गृह मंत्री शाह ने कहा कि सभी पहलुओं से गहन जांच की जा रही है और आतंक के किसी भी एंगल को खारिज नहीं किया गया है। विपक्ष ने भी त्वरित जांच की मांग की है।
धमाका बेहद साजिशनापूर्ण और अत्याधुनिक विस्फोटक तकनीक का प्रतीक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की मदद से पूरी गहनता से इस घटना की तह तक जा रही हैं।












