Delhi Blast Update:
नई दिल्ली/फरीदाबाद, एजेंसियां। दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के बाद जांच की आंच अब हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंची है। धमाके में गिरफ्तार मौलवी और कुछ संदिग्धों के इस यूनिवर्सिटी से संबंधों के आरोपों के बाद अब अल-फलाह प्रशासन ने अपनी सफाई दी है। यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर कहा कि “हमारा इस घटना से कोई संबंध नहीं है, न ही हमारे कैंपस में कोई विस्फोटक या केमिकल मिला है।”
कुलपति की सफाई: ‘कैंपस में केवल शिक्षा होती है, आतंक नहीं’:
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कुलपति (VC) ने कहा कि यह संस्थान पूरी तरह से एक शैक्षणिक संस्था है, जहां छात्र अपनी ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं। “हमारे यहां किसी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध गतिविधि नहीं होती। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से झूठे और भ्रामक हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी खुद इस मामले की आंतरिक जांच कर रही है और एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है।
जांच एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों से यूनिवर्सिटी का नहीं संबंध:
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को एजेंसियों ने हिरासत में लिया है, उनका यूनिवर्सिटी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है — “सिवाय इसके कि वे किसी समय आधिकारिक क्षमता में जुड़े रहे हों।” यूनिवर्सिटी ने कहा कि “हम शिक्षा और अनुसंधान को समर्पित संस्थान हैं और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है।”
फरीदाबाद पुलिस ने भी किया मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन:
इस बीच, फरीदाबाद पुलिस ने भी सोशल मीडिया और कुछ न्यूज चैनलों पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई संदिग्ध i20 कार अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में खड़ी थी। पुलिस ने कहा कि “इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और इसे गलत बताया जाता है।”
स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों ही इस घटनाक्रम से दूरी बना रहे हैं, जबकि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।

