Delhi blast case:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी विस्फोट मामले में गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली को दिल्ली की अदालत ने 10 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे 16 नवंबर को गिरफ्तार किया था और 17 नवंबर को अदालत में पेश किया। यह मामला 10 नवंबर को लाल किला क्षेत्र में विस्फोटकों से भरी कार में हुए ब्लास्ट से जुड़ा है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे।
जांच में खुलासा:
जांच में सामने आया है कि धमाका करने वाली कार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी चला रहा था, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर था। उसका संबंध एक “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” से था, जिसके खिलाफ हरियाणा के फरीदाबाद में विस्फोटक बरामद होने के बाद कार्रवाई शुरू हुई।
NIA के अनुसार:
NIA के अनुसार, धमाके की मुख्य साजिश आमिर राशिद अली ने रची थी। वह जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा का रहने वाला है। आमिर ने उमर के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। विस्फोटक से भरी कार उमर के नाम पर दर्ज थी। जांच एजेंसी ने अब उमर के एक और वाहन को भी कब्जे में लेकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। अब तक जांच टीम 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें घायल पीड़ित भी शामिल हैं।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को दो समन जारी किए हैं। फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की जांच और विश्वविद्यालय के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में ये कार्रवाई की गई है। UGC और NAAC ने भी विश्वविद्यालय की मान्यता संबंधी दावों की समीक्षा कर “गंभीर अनियमितताएं” पाई हैं और अपनी रिपोर्ट कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दी है।

