Delhi blast:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट के कुछ दिन बाद ही श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण धमाके ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर की इस घटना में 9 लोगों की मौत और 24 के घायल होने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन घटनाओं को केंद्र सरकार की “गंभीर खुफिया विफलता” बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की तत्काल मांग की है।
खरगे ने एक्स पर लिखते हुए कहा:
खरगे ने एक्स पर लिखते हुए कहा कि नौगाम विस्फोट और दिल्ली धमाके ने साबित कर दिया है कि देश का सुरक्षा ढांचा खतरे में है और सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन घटनाओं के बाद आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र के साथ खड़ा है, लेकिन हालिया हमलों को देखते हुए सभी दलों को एकजुट होकर रणनीति बनाने की आवश्यकता है। खरगे ने आतंकवाद को “बाहरी ताकतों से लगातार मिल रहे समर्थन” को लेकर भी चिंता व्यक्त की। साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजा और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की।
सुरक्षा तंत्र को लेकर मनीष सिसोदिया ने यह कहा:
इधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी सुरक्षा तंत्र को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद देश अभी संभला भी नहीं था कि दिल्ली और फिर श्रीनगर में धमाकों ने पूरे देश में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सिसोदिया के अनुसार, “कथित सुरक्षित भारत” का नारा देने वाली सरकार अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की सुरक्षा निभाने में विफल हो रही है। उन्होंने गृह मंत्री से कठोर सवाल पूछते हुए कहा कि यह सामान्य चूक नहीं, बल्कि “सिस्टम की भारी लापरवाही” का नतीजा है।
इन लगातार हो रही घटनाओं ने केंद्र सरकार के सुरक्षा प्रबंधन, खुफिया इनपुट और आतंकवाद-रोधी तैयारी पर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर सरकार से जवाब चाहता है और जल्द से जल्द सर्वदलीय चर्चा की उम्मीद कर रहा है।
