Delhi blast: डॉ शाहीन निकली दिल्ली ब्लास्ट की मास्टरमाइंड

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नई दिल्ली,एजेंसियां। देश की राजधानी को दहला देने वाले दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला कमांडर डॉ. शाहीन शाहिद ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह और उसके साथी डॉक्टर पिछले दो वर्षों से भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। शाहीन फिलहाल जांच एजेंसियों की गिरफ्त में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुए धमाके में 10 लोगों की मौत और 24 लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद से ही राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली, फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है।

शाहीन ने पूछताछ में किया बड़ा कबूलनामा:

सूत्रों के अनुसार, शाहीन ने जांच के दौरान बताया कि वह डॉ. उमर, मुजम्मिल और आदिल नाम के आतंकियों के साथ मिलकर अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थ पिछले दो साल से जमा कर रही थी। शाहीन ने कबूला कि यह पूरा ऑपरेशन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर चलाया जा रहा था। शाहीन ने स्वीकार किया कि उसका संपर्क पाकिस्तान स्थित कुछ प्रमुख आतंकियों से भी था, जो भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसे निर्देश और फंडिंग भेजते थे।

CCTV में दिखा संदिग्ध उमर:

दिल्ली पुलिस को मिले CCTV फुटेज में एक सफेद i20 कार मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से निकलती हुई दिख रही है, जिसमें काला मास्क पहना एक व्यक्ति दिखाई देता है। माना जा रहा है कि वह व्यक्ति कश्मीर का रहने वाला उमर नबी है, जो इस हमले में शामिल था। यह वही उमर है, जो शाहीन के संपर्क में था और विस्फोटक सामग्री इकट्ठा करने में उसकी मदद कर रहा था।

फरीदाबाद से गिरफ्तारियां और जांच तेज:

ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से सात डॉक्टरों समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से कई लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि वे शाहीन के संपर्क में थे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए आतंकी गतिविधियों से जुड़े थे।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद:

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क दिल्ली, जयपुर, और लखनऊ तक फैला हुआ है। शाहीन से पूछताछ जारी है और एजेंसियां इस साजिश के फंडिंग स्रोत, विदेशी कनेक्शन और तकनीकी सपोर्ट की तहकीकात कर रही हैं।दिल्ली ब्लास्ट मामले ने एक बार फिर इस बात की पुष्टि कर दी है कि आतंकी संगठन अब शिक्षित और वाइट-कॉलर नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत में हमले करने की साजिश रच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में इस केस में और कई गिरफ्तारियां संभव हैं।

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