मथुरा, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार तड़के दिल्ली–आगरा एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कम दृश्यता की वजह से सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में आग लग गई, जिससे एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य तेज
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने के लिए 11 दमकल गाड़ियां तैनात की गईं, जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 14 एंबुलेंस लगाई गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई घटना की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक वाहन घने कोहरे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसके बाद पीछे से आ रही बसें एक के बाद एक टकराती चली गईं। हादसे के समय बसों में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिससे घायलों की संख्या ज्यादा हो गई।
पुलिस का बयान
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि इस दुर्घटना में कुल सात बसें और तीन कारें शामिल थीं। अब तक चार मौतों की पुष्टि हुई है। करीब 25 घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं।प्रशासन की ओर से हादसे की जांच की जा रही है और यात्रियों से घने कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।








