Padma Shri Daya Prakash passes away:
नई दिल्ली, एजेंसियां। नोएडा में शुक्रवार सुबह 9:30 बजे हिंदी साहित्य के वरिष्ठ नाटककार और पद्मश्री से सम्मानित दया प्रकाश सिन्हा का निधन हो गया। 91 वर्षीय सिन्हा को उनके नाटक ‘सम्राट अशोक’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार-2021 के लिए चुना गया था। उनके निधन की खबर से साहित्य और रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रकाश सिन्हा का निधन का कारण:
सिन्हा दो माह से अस्वस्थ थे, लेकिन किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं थे। उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जिनमें से एक यूएस में रहती हैं। अंतिम संस्कार शनिवार को सेक्टर-94, नोएडा में संपन्न होगा। निधन के समय सिन्हा कवि रहीम दास के जीवन पर आधारित लेख लिख रहे थे।
1935 में उत्तर प्रदेश के कासगंज में जन्मे दया प्रकाश सिन्हा ने आईएएस अधिकारी के रूप में सेवा के बाद हिंदी साहित्य, रंगमंच और नाट्य निर्देशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी के अध्यक्ष रहे और फिजी में भारत के प्रथम सांस्कृतिक सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
साहित्य अकादमी के अध्यक्ष ने कहा:
सिन्हा को उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, लोहिया सम्मान, हिन्दी अकादमी साहित्यकार सम्मान और पद्मश्री से नवाजा गया। 1993 में भारत भवन, भोपाल के निदेशक पद से सेवानिवृत्ति के बाद वे साहित्य सृजन में सक्रिय रहे।
साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कम्बार ने उनके निधन पर कहा, “सिन्हा जी का जाना हिंदी रंगमंच के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।” उनकी रचनाओं में सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को उठाने की अद्वितीय क्षमता रही, जिसने हिंदी साहित्य और रंगमंच को समृद्ध किया।दया प्रकाश सिन्हा की याद में साहित्य और रंगमंच के क्षेत्र के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को सदा याद रखने का संकल्प लिया।
इसे भी पढ़ें
