Assam CM controversy
गुवाहाटी, एजेंसियां। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक FIR दर्ज कराई गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 24 से 29 जनवरी के बीच बंगाली मूल के मुसलमानों के खिलाफ मीडिया के सामने सांप्रदायिक और भड़काऊ बयान दिए। शिकायत में कहा गया कि उन्होंने लोगों के लिए ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिससे एक विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत और दुश्मनी फैलाने का उद्देश्य जाहिर होता है।
असम सिविल सोसाइटी की ओर से अध्यक्ष हाफिज राशिद अहमद चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. अब्दुल मन्नान और कार्यकारी सदस्य अब्दुर रहीम सिकदार ने गुवाहाटी के लतासिल थाने में CM के खिलाफ FIR दर्ज कराई। शिकायत के साथ 18 पन्नों का शपथ पत्र, अखबारों के लेख और एक पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपा गया है, जिसमें वीडियो क्लिप मौजूद है।
शिकायत में क्या है उल्लेख?
शिकायत में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री के नफरत भरे भाषण से राज्य के विभिन्न हिस्सों में समुदाय के खिलाफ डराने-धमकाने और दंड देने की घटनाएं पहले ही हो चुकी हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस बयान ने सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। FIR में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 192, 196, 197, 299, 302 और 353 के तहत दंडनीय अपराध के आरोप लगाए गए हैं।
इस विषय को लेकर सिविल सोसाइटी ने क्या कहा?
सिविल सोसाइटी ने कहा कि सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के हित में, और नफरत भरे भाषण के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन के लिए उचित कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है और अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है।इस घटना से असम में सामाजिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, और लोग मुख्यमंत्री के कथित बयान के प्रभाव और संभावित कानूनी परिणामों पर नजर रखे हुए हैं।











