West Bengal Congress elections:
नई दिल्ली, एजेंसियां। नई दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की अहम बैठक में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी दल के साथ गठबंधन किए बिना अकेले लड़ेगी। यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कहां हुई ये बैठक?
खड़गे के आवास पर हुई इस बैठक में पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने भी हिस्सा लिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा में राज्य की राजनीतिक स्थिति, संगठन की तैयारी और चुनावी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने बताया कि राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी कैडर और आम जनता की इच्छा है कि कांग्रेस राज्य में स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरे। इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी।
कांग्रेस महासचिव ने सोशल मीडिया के जरिए बैठक की जानकारी दी
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने राज्य इकाई के नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा की है।गौरतलब है कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस नेतृत्व इन राज्यों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है।











