CNG PNG price:
नई दिल्ली, एजेंसियां। साल 2026 की शुरुआत आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आ रही है। अगर आप वाहन में CNG का इस्तेमाल करते हैं या घर में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) से खाना बनता है, तो आपका मासिक खर्च कम होने वाला है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने गैस की कीमतों को प्रभावित करने वाले टैरिफ स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से लागू होगी।
क्यों सस्ती होगी गैस
दरअसल, CNG और PNG की कीमत का बड़ा हिस्सा गैस को पाइपलाइन के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की लागत पर निर्भर करता है। अभी तक इस ट्रांसपोर्टेशन चार्ज को दूरी के आधार पर तीन जोन में बांटा गया था, जिससे दूर के इलाकों में गैस महंगी पड़ती थी। PNGRB ने इस व्यवस्था को सरल करते हुए जोन की संख्या घटाकर दो कर दी है। इससे ढुलाई की लागत कम होगी और उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 2 से 3 रुपये तक की सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।
पूरे देश में एक जैसा ट्रांसपोर्टेशन चार्ज
PNGRB के सदस्य ए.के. तिवारी के अनुसार, नई यूनिफाइड टैरिफ पॉलिसी के तहत पहले जोन में आने वाले घरेलू और वाहन उपभोक्ताओं के लिए ट्रांसपोर्टेशन चार्ज पूरे देश में लगभग समान होगा। नियामक ने गैस वितरण कंपनियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस लागत में आई कमी का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।
312 इलाकों में दिखेगा असर
इस फैसले का असर देश के करीब 312 जियोग्राफिकल एरिया में देखने को मिलेगा। फिलहाल लगभग 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां इस नेटवर्क से जुड़ी हैं। सरकार का लक्ष्य न सिर्फ कीमतें घटाना है, बल्कि उन इलाकों तक भी सस्ती गैस पहुंचाना है जहां अब तक ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण दाम ज्यादा थे।
आगे और राहत की उम्मीद
PNGRB अब राज्यों के साथ मिलकर वैट दरों को कम कराने और गैस पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी काम कर रहा है। आने वाले समय में इससे CNG और PNG उपभोक्ताओं को और राहत मिलने की संभावना है।








