CM Dhami Haridwar Sant Sammelan:
देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में भाग लेकर संत समाज और आध्यात्मिक परंपरा के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने ब्रह्मगिरी महाराज को सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत-महात्मा और धर्मगुरु सदियों से समाज को सेवा, त्याग और करुणा का संदेश देते आए हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए लोगों को मानवता और राष्ट्रधर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। भारत माता मंदिर की स्थापना को उन्होंने सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सीएम धामी ने आगे क्या कहा
सीएम धामी ने कहा कि संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ पूरे विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है और समय के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहता है।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न कानूनों और योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून लागू किए गए हैं, जिनसे युवाओं और समाज को लाभ मिला है।
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, योग गुरु बाबा रामदेव सहित कई संत-महात्मा और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक एकता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।











