Kerala chickenpox cases:
कोझिकोड (केरल),एजेंसियां। केरल में चिकनपॉक्स (चेचक) के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष 2026 की शुरुआत में ही संक्रमण के आंकड़े डराने लगे हैं। जनवरी के पहले 24 दिनों में राज्यभर में चिकनपॉक्स के करीब 3,300 मामले दर्ज किए गए हैं, जो दिसंबर 2025 में सामने आए 3,050 मामलों और नवंबर 2025 के 2,537 मामलों से कहीं अधिक हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
क्या कहता है अकड़ा?
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में चिकनपॉक्स के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। वर्ष 2023 में जहां 26,390 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 27,106 और 2025 में 29,055 तक पहुंच गई। विशेषज्ञ इसे बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।
कोझिकोड जिला बना हॉटस्पॉट
कोझिकोड जिला इस समय चिकनपॉक्स का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। जनवरी में अब तक यहां 430 मामले सामने आ चुके हैं, जो दिसंबर में दर्ज 210 मामलों से दोगुने से भी ज्यादा हैं। जिले के कई इलाकों में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर क्लस्टर पाए गए हैं। जिला निगरानी अधिकारी डॉ. मनोज के अनुसार, पहले यह बीमारी गर्मी के मौसम तक सीमित रहती थी, लेकिन अब सालभर इसके मामले देखे जा रहे हैं।
चिकनपॉक्स वैरिसेला जोस्टर वायरस (VZV) के कारण होता है, जो हवा के जरिए बहुत तेजी से फैलता है। इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 1 से 3 सप्ताह बाद दिखाई देते हैं। शुरुआत बुखार, थकान और शरीर दर्द से होती है, जिसके बाद शरीर पर लाल, खुजली वाले फफोले निकल आते हैं।
बचाव और सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखते ही खुद को आइसोलेट करें। मरीजों को अलग कमरे में रहना, अलग बर्तनों का इस्तेमाल करना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह बीमारी गंभीर हो सकती है। विभाग ने चिकनपॉक्स वैक्सीन को प्रभावी बचाव बताया है और जरूरत पड़ने पर ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन परामर्श लेने की भी सलाह दी है।












