Call center scam:
नई दिल्ली, एजेंसियां। फर्जी कॉल सेंटर स्कैम ने दुनियाभर में साइबर अपराध का नया चेहरा बना लिया है, और इसका सबसे बड़ा असर भारत की छवि पर पड़ रहा है। इन स्कैम्स की वजह से अमेरिका जैसे देशों में कुछ लोग भारतीयों के प्रति नफरत महसूस करने लगे हैं।
क्या होता है कॉल सेंटर स्कैम?
यह एक संगठित साइबर फ्रॉड होता है, जिसमें स्कैमर्स फर्जी कॉल सेंटर चलाते हैं और खुद को बैंक अधिकारी, IRS एजेंट या टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते हैं। वे पीड़ितों को डरा-धमका कर उनके बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड या पर्सनल डेटा हासिल कर लेते हैं। कई मामलों में उनसे क्रिप्टोकरेंसी, गिफ्ट कार्ड या सीधा बैंक ट्रांसफर से पैसे मंगवाए जाते हैं।
भारत में छापेमारी और खुलासेसीबीआई और अन्य एजेंसियों ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, अहमदाबाद, पुणे और विशाखापत्तनम में ऐसे कई फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। इन कॉल सेंटरों का नेटवर्क अमेरिका जैसे देशों को निशाना बनाता है। स्कैमर्स कंप्यूटर पर पॉप-अप भेजते हैं, वायरस का डर दिखाकर ‘माइक्रोसॉफ्ट टेक्निकल सपोर्ट’ के नाम पर ठगी करते हैं।
कैसे करते हैं धोखाधड़ी?
ये स्कैमर डार्क वेब या अन्य माध्यमों से डेटा खरीदते हैं। फिर संदिग्ध गतिविधियों का डर दिखाकर पीड़ित को मानसिक दबाव में लाकर ठगते हैं। वे खुद को अमेरिकी एजेंसियों से जुड़ा बताते हैं, जिससे पीड़ित तुरंत डर जाता है।
अमेरिका में नफरत क्यों?
बार-बार भारत से जुड़े मामलों के सामने आने से अमेरिका के कुछ हिस्सों में लोगों के मन में भारतीयों के प्रति नकारात्मकता बढ़ रही है। हालांकि, यह एक छोटे समूह का अपराध है, फिर भी पूरी भारतीय कम्युनिटी की छवि प्रभावित हो रही है।
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