Census 2027
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र ने 11,718 करोड़ रुपये के बजट के साथ वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को मंजूरी दे दी है। यह स्वतंत्रता के बाद 8वीं और अब तक की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी। जनगणना 1948 के जनगणना अधिनियम और 1990 के नियमों के तहत की जाएगी।
पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि कोविड-19 महामारी के कारण 2021 की जनगणना आयोजित नहीं हो सकी। सरकार ने 16 जून 2025 को जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी की थी। इसे दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान बताया जा रहा है।
कोलसेटू नीति को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री परिषद ने कोयला लिंकेज में सुधार करते हुए कोलसेटू नीति को भी मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से कोयला आपूर्ति तंत्र अधिक पारदर्शी, कुशल और उद्योगों के लिए सुविधाजनक बनने की उम्मीद है। नई नीति से ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिरता बढ़ेगी।
खोपरा 2025 सीजन के लिए MSP स्वीकृत
कैबिनेट ने खोपरा (ड्राई कोकोनट) के लिए 2025 सीजन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी स्वीकृत कर दिया है। MSP तय होने से नारियल किसानों को आय सुरक्षा और बाजार में स्थिरता मिलेगी।
क्या मनरेगा का नाम बदलेगा?
बैठक से पहले यह अटकलें तेज थीं कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ कर सकती है। हालांकि, इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम की पहचान और प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन है।इन तीन बड़े फैसलों से प्रशासनिक ढांचा, ऊर्जा प्रबंधन और कृषि अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की उम्मीद है।







