Union Budget 2026:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए बजट 2026 में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को केंद्र में रखा है। स्वास्थ्य, योग, आयुष और डिजाइन सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ नए करियर अवसर पैदा करना है।
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स पर बड़ा फोकस
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHP) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने और नए संस्थान खोलने की घोषणा की। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में यह विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में इस पहल के तहत एक लाख नए एएचपी तैयार किए जाएंगे। यह योजना 10 प्रमुख विषयों को कवर करेगी, जिनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सकेगा।
योगा और आयुष को मिलेगा वैश्विक मंच
वित्त मंत्री ने योग और आयुष की बढ़ती वैश्विक मांग का जिक्र करते हुए कई नए कदमों की घोषणा की। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड कर उच्च गुणवत्ता वाला सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही, पारंपरिक चिकित्सा के लिए अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।
डिजाइन सेक्टर में नई पहल
डिजाइन उद्योग में कुशल पेशेवरों की कमी को देखते हुए पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान ‘चैलेंज रूट’ के माध्यम से डिजाइन शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देगा।
लगातार नौवां बजट
बजट 2026 के साथ निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। यह बजट युवाओं, स्वास्थ्य और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।








