Border 2 controversy: बॉर्डर 2 में दिखाई गई बहादुरी पर सवाल, मेजर होशियार सिंह के बेटे ने उठाए तथ्यात्मक मतभेद

3 Min Read

Border 2 controversy:

जयपुर, एजेंसियां। 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग के नायक और परमवीर चक्र विजेता मेजर होशियार सिंह की बहादुरी को फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। फिल्म में अभिनेता वरुण धवन ने उनका किरदार निभाया है। जहां एक ओर फिल्म ने दर्शकों के बीच देशभक्ति की भावना को मजबूत किया, वहीं मेजर होशियार सिंह के बेटे विजय सिंह दहिया ने फिल्म में दिखाए गए कुछ तथ्यों पर असहमति जताई है।

विजय सिंह दहिया ने क्या कहा?

विजय सिंह दहिया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके पिता की वीरता को देश-दुनिया के सामने लाया गया, लेकिन फिल्म में कुछ दृश्य ऐतिहासिक सच्चाई से मेल नहीं खाते। उन्होंने बताया कि फिल्म में दिखाया गया है कि घायल होने के बाद मेजर होशियार सिंह सीधे दुश्मन के टैंक के सामने आ जाते हैं, जबकि असल घटना इससे अलग थी। वास्तविकता में वे टैंक के गोले के छर्रे से घायल हुए थे, लेकिन उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और तकनीकी खराबी से बंद पड़ी मशीन गन को ठीक कर फिर से दुश्मन पर हमला किया।

विजय सिंह ने यह भी कहा

विजय सिंह ने यह भी कहा कि फिल्म में बसंतर की लड़ाई को दिन के उजाले में दिखाया गया है, जबकि असली युद्ध आधी रात को हुआ था। इसके अलावा नदी पार करने के दृश्य और युद्ध की परिस्थितियां भी वास्तविक घटनाओं से अलग दिखाई गई हैं। उनके अनुसार, इन तथ्यों की पुष्टि सेना के आधिकारिक दस्तावेजों और युद्ध से जुड़े रिकॉर्ड में मिलती है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में फिल्ममेकर जेपी दत्ता को उन्होंने अपने पिता के सैन्य जीवन से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारियां साझा की थीं। विजय सिंह का मानना है कि अगर फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों का और सटीक चित्रण किया जाता, तो यह और प्रभावशाली बन सकती थी।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिल्म ने नई पीढ़ी को 1971 की जंग और भारतीय सैनिकों के बलिदान से जोड़ने का काम किया है, जो अपने आप में सराहनीय है।

Share This Article