Black suitcase:
नई दिल्ली, एजेंसियां। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जहां भी जाते हैं, उनके साथ एक काला सूटकेस जरूर देखा जाता है। भारत दौरे (4 दिसंबर 2025) के दौरान भी यह रहस्यमयी सूटकेस चर्चा में है। यह कोई सामान्य बैग नहीं, बल्कि रूस का न्यूक्लियर ब्रीफकेस ‘Cheget’ है, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक सैन्य सिस्टम में से एक माना जाता है।
क्या है ‘Cheget’ न्यूक्लियर ब्रीफकेस?
‘Cheget’ रूस का टॉप-सीक्रेट Nuclear Command and Control System है, जिसके जरिए राष्ट्रपति तत्काल परमाणु हमले का आदेश दे सकते हैं। यह सूटकेस पुतिन के व्यक्तिगत नियंत्रण में रहता है और हर विदेश यात्रा पर उनके साथ मौजूद रहता है।
कैसे काम करता है यह सूटकेस?
- ‘Cheget’ सीधे रूस के न्यूक्लियर कमांड नेटवर्क “Kazbek System” से जुड़ा होता है।
- इस सिस्टम में पुतिन के अलावा रूस के रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के पास भी एक-एक डिवाइस रहती है।
- परमाणु हमला तभी संभव है जब ये तीनों डिवाइस एक-दूसरे को प्रमाणित (authenticate) कर दें।
- इस सूटकेस में एक एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम, रेड कोड्स और हमले के प्रोटोकॉल होते हैं।
यह दिखने में कैसा है?
- ब्लैक लेदर का हार्डकेस
- अंदर सुरक्षित पैडिंग, डिजिटल स्क्रीन और एन्क्रिप्टेड बटन
- इसे हमेशा पुतिन के सबसे भरोसेमंद बॉडीगार्ड्स में से एक संभाल कर चलता है
- यह सूटकेस इतनी सुरक्षा में रहता है कि इसे संभालने वाले अधिकारी का चयन भी रूस की सबसे गुप्त एजेंसी FSO करती है।
पुतिन के लिए इतना अहम क्यों?
- किसी आपात स्थिति (एटॉमिक खतरे, युद्ध, मिसाइल लॉन्च) में सबसे तेज़ प्रतिक्रिया देने का माध्यम
- रूस की परमाणु सेना को सीधे नियंत्रित करने का अंतिम अधिकार
- राष्ट्रपति की सुरक्षा रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा
कितना खतरनाक?
इसमें कोई बम नहीं होता, लेकिन यह रूस की सभी परमाणु मिसाइलों, रणनीतिक हथियारों और न्यूक्लियर फोर्सेज को सक्रिय करने की शक्ति रखता है। एक गलत कमांड भी वैश्विक परमाणु युद्ध छेड़ सकती है। इसी वजह से इसे “दुनिया का सबसे खतरनाक सूटकेस” कहा जाता है।







