IndiGo flight
बैंगलोर, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। बुधवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट से इंडिगो की 60 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 32 आगमन और 28 प्रस्थान शामिल थे। लगातार तीसरे दिन यात्रियों को बड़े स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह संकट नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के खराब क्रियान्वयन, क्रू की कमी और प्लानिंग विफलताओं से पैदा हुआ है।
DGCA की कड़ी कार्रवाई और स्पेशल पायलट मॉनिटरिंग टीम तैनात
स्थिति बिगड़ने पर DGCA ने सख्त कदम उठाए हैं। नियामक ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को विस्तृत डेटा के साथ तलब किया है। इसके अलावा, DGCA ने 8 वरिष्ठ पायलटों की एक विशेष टीम बनाई है, जो एयरलाइन के संचालन की रीयल-टाइम निगरानी करेगी।
इस टीम में दो पायलट और दो सरकारी अधिकारी सीधे गुड़गांव स्थित इंडिगो मुख्यालय में तैनात किए गए हैं। ये टीम उड़ान रद्द होने, क्रू तैनाती, अनियोजित अवकाश, शेड्यूलिंग और प्रभावित रूट्स पर हर घंटे की रिपोर्ट DGCA को भेजेगी।
एयरलाइन का दावा बनाम विशेषज्ञों के सवाल
इंडिगो के चेयरमैन विक्रम मेहता ने बयान जारी कर असुविधा के लिए यात्रियों से माफी मांगी और हालात के लिए “मौसम, तकनीकी समस्याएं और नए ड्यूटी नियम” जिम्मेदार बताए।
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य भारतीय एयरलाइंस भी इन्हीं हालात से गुजरीं, लेकिन इंडिगो जितनी अव्यवस्था वहां देखने को नहीं मिली।पिछले 9 महीनों में इंडिगो के 378 पायलट कम हो गए, जो गंभीर संसाधन संकट की ओर इशारा करता है। FIP (फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स) ने एयरलाइन पर “अपर्याप्त मानव संसाधन रणनीति” अपनाने और गलत फैसले लेने का आरोप लगाया है।
सरकार ने 10% उड़ानें कम कर दीं
स्थिति बिगड़ने पर सरकार ने इंडिगो की कुल दैनिक उड़ानों में 10% की कटौती का आदेश दे दिया है। सामान्यतः एयरलाइन रोज 2,200 उड़ानें संचालित करती है, लेकिन फिलहाल यह संख्या घटा दी गई है।अब सभी की नजरें DGCA और CEO एल्बर्स की बैठक पर टिकी हैं, जिससे आगे की कार्रवाई का संकेत मिलेगा।







