गेंदा फूल की खेती से लाभ
गेंदा फूल की खेती कर लाखों कमाये, भूमि होगी उपजाऊ
झारखण्ड में फूलों का उपयोग दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। हर तरह के पर्व त्योहार, शादी विवाह, पूजा पाठ तथा अन्य अवसरों पर घर फूलों से सजाया जाता है जिसके कारण राज्य के बड़े शहरों में फूलों की मांग बढ़ती जा रही है।
गेंदे की उपयोगिता गाड़ी, घर,मंडप, शादी एवं गमले में लगाने, त्योहारों, पूजा के लिए है। इसके फूल लम्बे अरसे तक खिलते रहते हैं और ज्यादा समय तक ताजे बने रहते हैं।
गेंदा फूल की खेती पारम्परिक खेती की तुलना में कई गुणा लाभ किसानों को दे सकती है।
गेंदा फूल न सिर्फ कम खर्च में अच्छा लाभ देता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।
जिससे किसानों को गेंदा फूल का दोहरा फायदा मिलता है। सीईवी घरौंडा के फ्लोरिकल्चर विशेषज्ञों के अनुसार गेंदा फूल की खेती सर्दी, गर्मी और बरसात के सीजन में की जाती है।
गेंदा फूल की खेती कोई भी किसान कर सकता है। अगर किसान हाईब्रिड किस्म के बीजों को लगाता है तो उसे करीब 30 से 35 हजार रुपए प्रति एकड़ खर्च आता है।
यदि किसान अपने खेत में गेंदा फूल लगाता है तो वह साल में तीन बार फूलों की पैदावार ले सकता है।
इसके अलावा गेंदा फूल की मांग लोकल मार्केट में होने से किसानों को ज्यादा दौड़ धूप करने की भी जरूरत नही होती।
गर्मी, सर्दी और बरसात के सीजन में की जा सकती है खेती
वनस्पति विज्ञान विशेषज्ञ डा प्रसेनजीत मुखर्जी के अनुसार गेंदा फूल की खेती सीजन के हिसाब से की जाती है।
गर्मी के सीजन में जनवरी में फूल लगाए जाते हैं। जिनका नवरात्र के दिनों में पूजा पाठ में खूब इस्तेमाल होता है और बाजार में अच्छी कीमत भी मिलती है।
इसके बाद अप्रैल मई और फिर सर्दी शुरू होने से पहले अगस्त-सितंबर में फूलों की बिजाई की जाती है।
विशेषज्ञों की मानें तो गेंदे की जड़ों से एक कैमिकल निकलता है, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति का बढ़ाता है।
जहां खेतों में उत्पादन कम दिखाई दें, उन किसानों के लिए गेंदा फूल एक अच्छा विकल्प है। सीजन में गेंदे की कीमत 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
अगर किसान आधा एकड़ में भी गेंदे की खेती करता है तो एक सप्ताह में एक क्विंटल से लेकर डेढ़ किवंटल तक फूल प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें किसानः
गेंदा फूल की खेती को किसान ओपन और पॉली हाउस दोनों ही जगहों में ले सकता है। गेंदा फूल कई वेरायटियों में लगाया जा सकता है।
जिसका अच्छा भाव किसानों को मार्केट में मिल जाता है। खेती फूलों की हो या फिर सब्जियों की, किसान ओपन फील्ड में खेती कर रहा हो या फिर पॉली हाउस में।
किसी भी क्रॉप को लगाने से पूर्व विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले लें। -आरएस पूनिया, प्रोजेक्ट ऑफिसर, सीईवी घरौंडा।
गुथा हुआ फूल देता है ज्यादा लाभः
डा प्रसेनजीत बताते हैं कि मार्केट में औसतन छोटे आकार के फूलों की मांग होती है, जो आम बीज से प्राप्त किए जा सकते हैं।
फूलों का प्रयोग पूजा पाठ व माला बनाने में किया जाता है। अगर आम किस्म का प्रयोग करता है तो इससे भी कम खर्च आता है। प्लांटेशन के 45 दिन बाद पौधा फूल देने लगता है।
गेंदे के फूल की उन्नत किस्मेः
अफ्रीकन गेंदा क्लाईमेक्स, कोलेरेट, जुबली इंडियन चीफ, क्राउन ऑफ गोल्ड, फर्स्ट लेडी, स्पन गोल्ड, येलोसुप्रीम, क्रेकर जेक. फ्रेंच गेंदा येलो क्राउन, लेमन जैम, रस्ती लैड, लेमन रिंग, रेड हेड, बटर स्कोच, गोल्डी, फायर क्रॉस. उन्नत किस्म पूसा नारंगी, पूसा बसंती, संकर किस्म इंका, माया, एटलांटिक एवं डिस्कवरी।
15 लाख तक की कमाईः
अगर किसान नियमित फसल के साथ अतिरिक्त आय लेना चाहते हैं तो वे खाली पड़ी जमीन पर गेंदे की खेती करके काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं।
गेंदे के फूलों की बाजार मांग को देखते हुए किसानों के लिए इसका उत्पादन बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।
खास बात तो यह है कि इसकी खेती कम जगह पर भी आसानी से की जा सकती है।
यदि आपके पास 1 हेक्टेयर भी जमीन है तो आप इसकी खेती कर हर साल करीब 15 लाख रुपए की कमाई कर सकते हैं।
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