Shardiya Navratri 2025: कन्या पूजन से प्रसन्न होते हैं नवग्रह, जानें विशेष उपाय

2 Min Read

Shardiya Navratri 2025:

नई दिल्ली, एजेंसियां। Shardiya Navratri 2025 की शुरुआत हो चुकी है और इस पर्व में मां दुर्गा की भक्ति में भक्त पूरी तरह लीन हैं। नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथियों को कन्या पूजन का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। इस दिन छोटी कन्याओं को माता का स्वरूप मानकर पूजा, अर्चना और भोजन कराया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कन्या पूजन करने से नवग्रहों की कृपा प्राप्त होती है। प्रत्येक कन्या में माता का स्वरूप माना जाता है और उनकी सेवा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव, सुख, समृद्धि और यश प्राप्त होते हैं।

कन्या पूजन और नवग्रहों का संबंध:

• पूरी – बुध (Mercury) का प्रतीक
• आटे का हलवा – सूर्य (Sun) का प्रतीक
• काले चने – शनि (Saturn) का प्रतीक
• पैर धोना – चंद्रमा (Moon) का प्रतीक
• मौली पहनाना – मंगल (Mars) का प्रतिनिधित्व
• जौ देना – राहु (Rahu) का प्रतीक
• चुड़ियां पहनाना – बुध (Mercury) का प्रतीक
• बिंदी और पैसे देना – शुक्र (Venus) का प्रतीक
• पैर छूना – केतु की स्थिति में सुधार

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, कन्या पूजन सही विधि से करने पर नवग्रह सक्रिय होते हैं और माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

कन्या पूजन की तिथियां:

अष्टमी तिथि: अष्टमी के दिन कन्याओं को भोजन कराना और उनकी सेवा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

नवमी तिथि: नवमी शक्ति साधना का अंतिम चरण होती है और इस दिन भी कई जगह कन्याओं को भोजन कराया जाता है।

कन्या पूजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि लाने का प्रभावशाली उपाय भी माना जाता है। इस नवरात्रि अपने घर में कन्या पूजन कर भक्त नवग्रहों की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें

Shardiya Navratri 2025: घटस्थापना से लेकर अखंड ज्योति तक, इन 7 नियमों का पालन करें, मां दुर्गा की कृपा सुनिश्चित


Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं