Semicon India 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में “सेमीकॉन इंडिया 2025” का उद्घाटन किया। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर सम्मेलन है, जिसमें 48 से अधिक देशों से करीब 2500 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत को एक ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना है।
सम्मेलन की मुख्य बातें
350+ कंपनियां और 150+ वक्ता इस वैश्विक आयोजन का हिस्सा हैं। 50 से अधिक वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स सम्मेलनों, राउंडटेबल और वर्कशॉप्स में शामिल हो रहे हैं। 6 देशों की राउंडटेबल मीटिंग, स्टार्टअप पवेलियन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पर विशेष सत्र। 350 से ज्यादा प्रदर्शक अपनी तकनीकी नवाचारों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य
भारत में स्थायी, लचीला और प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाना। डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना की समीक्षा और विस्तार। स्टार्टअप्स, AI, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और R&D पर केंद्रित संवाद। अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी साझेदारी को प्रोत्साहित करना। पीएम मोदी 3 सितंबर को भी होंगे शामिल प्रधानमंत्री मोदी 3 सितंबर की सुबह सीईओ राउंडटेबल में भी भाग लेंगे, जहां वे वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों से सीधा संवाद करेंगे।
2021 से 2025: भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा
2021 में शुरू हुआ India Semiconductor Mission (ISM) अब फल देने लगा है। सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ₹76,000 करोड़ का PLI पैकेज शुरू किया। महज़ चार साल में भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण, पैकेजिंग और डिज़ाइन में तेजी से प्रगति की है।
सेमीकंडक्टर क्यों है जरूरी?
ये आधुनिक तकनीकों का मस्तिष्क माने जाते हैं। स्वास्थ्य, रक्षा, अंतरिक्ष, संचार और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में इनकी भूमिका अहम है। जैसे-जैसे दुनिया डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है, सेमीकंडक्टर रणनीतिक स्वतंत्रता और आर्थिक सुरक्षा के आधार बन गए हैं।
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