Africa and Syria: अफ्रीका और सीरिया की अस्थिरता के बीच ISIS के आतंकियों के हैरतअंगेज कारनामे, वारदातों में कर रहे AI का इस्तेमाल

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नई दिल्ली, एजेंसियां। संयुक्त राष्ट्र (UN) के आतंकवाद रोधी विशेषज्ञों ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों के नए कारनामों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि ISIS अफ्रीका, सीरिया और अफगानिस्तान में अस्थिरता का फायदा उठाकर अपनी आतंकवादी गतिविधियों को और तेज कर रहा है। इसके साथ ही, आतंकवादी अब आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि अपनी योजनाओं को और भी प्रभावी बना सकें।

ISIS की बढ़ती गतिविधियों पर यूएन की चिंता

यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक में संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई कि इराक में 2017 में हार के बावजूद ISIS के “स्लीपर सेल” (निद्रित समूह) अब भी सीरिया और इराक में सक्रिय हैं और इसके समर्थक दुनिया के अन्य हिस्सों में भी मौजूद हैं। यूएन के आतंकवाद-रोधी विभाग के प्रमुख व्लादिमीर वोरोनकोव ने इस बढ़ती गतिविधि को गंभीर खतरा बताया है।

अफ्रीका में ISIS की बढ़ती गतिविधियां

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद रोधी विशेषज्ञों ने अफ्रीका के साहेल क्षेत्र (बुर्किना फासो, माली, नाइजर) में ISIS की गतिविधियों में वृद्धि की बात कही है। अफ्रीका में यह संगठन अब आतंकवाद के एक बड़े प्रचारक के रूप में उभरा है, जो विदेशी आतंकवादियों को आकर्षित कर रहा है। लीबिया में हुई गिरफ्तारियों ने इस बात की पुष्टि की कि ISIS का नेटवर्क इस क्षेत्र में फैल चुका है। सोमालिया में सुरक्षा बलों ने ISIS के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 आतंकवादियों को मार गिराया और 150 से ज्यादा को गिरफ्तार किया। यह दर्शाता है कि संगठन का असर अफ्रीका में लगातार बढ़ रहा है।

लेक चाड और विदेशी सहायता से ISIS को मिल रही मदद

संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी समिति की प्रमुख नतालिया गेरमन ने बताया कि अफ्रीका के लेक चाड बेसिन में ISIS को विदेशी फंडिंग, ड्रोन और विस्फोटक उपकरणों जैसी मदद मिल रही है, जो उनकी आतंकवादी गतिविधियों को और बढ़ा रही है। इसके परिणामस्वरूप अफ्रीका वैश्विक आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है, और यहां की मौतों में बढ़ोतरी हो रही है।

पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान में भी ISIS का खतरा बरकरार

वहीं, इराक और सीरिया में ISIS अब भी सक्रिय है और उत्तर-पश्चिमी बादिया रेगिस्तान में अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। अफगानिस्तान में ISIS का सहयोगी “खुरासान” समूह अब भी पश्चिम एशिया और आसपास के क्षेत्रों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। ये संगठन स्थानीय समुदायों, अल्पसंख्यकों और विदेशी नागरिकों को लगातार निशाना बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इस बढ़ते खतरे के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ठोस कदम उठाने की अपील की है और आतंकवाद के खिलाफ संगठित कार्रवाई का आह्वान किया है। आतंकवाद और ISIS जैसी आतंकवादी गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए दुनिया को एकजुट होने की जरूरत है।

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