Airtel double story
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारती एयरटेल के वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजों में मिश्रित तस्वीर देखने को मिली है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 55 प्रतिशत गिरकर 6,630.5 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 14,781.2 करोड़ रुपये था। हालांकि, मुनाफे में इस गिरावट के बावजूद कंपनी की कमाई और ग्राहक आधार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी के मुताबिक
कंपनी के मुताबिक, मुनाफे पर दबाव बढ़ती परिचालन लागत, लाइसेंस और स्पेक्ट्रम शुल्क तथा कर्मचारियों पर बढ़े खर्च की वजह से पड़ा है। लाइसेंस और स्पेक्ट्रम से जुड़ा खर्च लगभग 7 प्रतिशत बढ़कर 3,846 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर्मचारियों पर खर्च में करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
क्या है एयरटेल की भविष्य की तैयारी
एयरटेल ने भविष्य की तैयारी के लिए नेटवर्क और तकनीक में भारी निवेश जारी रखा है। तिमाही के दौरान कंपनी का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 28 प्रतिशत बढ़कर 11,787 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें भारत में 5G नेटवर्क विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।कमाई के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। एयरटेल की परिचालन आय 19.6 प्रतिशत बढ़कर 53,982 करोड़ रुपये हो गई। भारत में रेवेन्यू 13.2 प्रतिशत बढ़कर 39,226 करोड़ रुपये तक पहुंचा। मोबाइल सेवाओं से होने वाली कमाई में भी वृद्धि दर्ज की गई।
ग्राहक आधार में भी विस्तार हुआ है। कंपनी के कुल ग्राहक 11.8 प्रतिशत बढ़कर 57.6 करोड़ हो गए, जबकि भारत में ग्राहकों की संख्या 41.38 करोड़ तक पहुंच गई। प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU) बढ़कर 259 रुपये हो गई, जो प्रीमियम सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाती है।







