Air India crash:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे को लेकर इटली की एक मीडिया रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। इटैलियन अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी एविएशन एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ताओं की अंतिम रिपोर्ट में हादसे की वजह पायलट द्वारा कथित रूप से जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद करना बताई जा सकती है।
हालांकि, भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस दावे की न तो पुष्टि की है और न ही इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। फिलहाल यह रिपोर्ट कयासों पर आधारित बताई जा रही है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर दावा
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं पाई गई। साथ ही कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की रिकॉर्डिंग के आधार पर यह संकेत मिला कि फ्यूल स्विच पायलट द्वारा बंद किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट में एक पायलट की आवाज सुनाई देती है, जो पूछता है— “तुमने इंजन बंद क्यों किए?” इस पर दूसरा पायलट जवाब देता है “मैंने नहीं किए।” जांच में यह भी सामने आया कि पहले विमान का बायां इंजन बंद हुआ और फिर दायां। बाईं सीट पर कैप्टन सुमित सभरवाल और दाईं सीट पर कैप्टन क्लाइव कुंदर मौजूद थे।
परिवार और पायलट एसोसिएशन ने खारिज किया दावा
रिपोर्ट में मुख्य संदिग्ध के तौर पर विमान के कमांडर कैप्टन सुमित सभरवाल का नाम लिया गया है, जिनकी इस हादसे में मृत्यु हो गई थी। हालांकि भारतीय पायलट एसोसिएशन और कैप्टन सभरवाल के परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पायलट पर जिम्मेदारी डालने की साजिश रची जा रही है और विमान निर्माता कंपनी, एयरलाइन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच होनी चाहिए।
अमेरिकी विशेषज्ञों की राय
कुछ अमेरिकी एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, बोइंग 787 में दोनों इंजनों का एक साथ बंद होना बेहद दुर्लभ है और यह या तो जानबूझकर या किसी असाधारण परिस्थिति में ही संभव है।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी AAIB को तीन सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच करने को कहा है।
260 लोगों की गई थी जान
गौरतलब है कि एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान 12 जून को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। टेक-ऑफ के 32 सेकंड बाद विमान एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत पर गिर गया था। इस हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स में से 241 और हॉस्टल के 19 लोग शामिल थे।

















