-वो चोरी, जिससे पूरा देश था हतप्रभ, खुला राज, तो उड़े होश
रांचीी। हसन चिकना। यही नाम है देश के सबसे शातिर बैंक चोर का। कुख्यात करोड़पति इनामी अंतरप्रांतीय चोर हसन चिकना। इसकी विशेषता है बैंक के लॉकरों को तोड़कर चोरी करना। अपने फन में यह इतना माहिर है कि देश के विभिन्न हिस्सों में यह चोरी करने और बैंकों के लॉकर तोड़ने का ठेका लेता है। इसने बकायदा अपना एक गैंग बना रखा है, जिसने चोरी के अलग-अलग फनों में माहिर उस्ताद भरे पड़े हैं। पिछले दिनों झारखंड की बोकारो पुलिस ने इसे मुंबई से गिरफ्तार किया। फिर इसने जो-जो खुलासे किये उससे पुलिस दंग रह गयी। आइए बात करते हैं इस शातिर चोर के कारनामों की और उसके चोरी करने के अंदाज की।
पिछले साल यानी 2022 में बोकारो के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में हुई एक चोरी ने पूरे देश को चौंका दिया था। एक साल पहले 25 दिसंबर की रात भारतीय स्टेट बैंक की एडीएम बिल्डिंग शाखा के 72 लॉकरों से 14 किलो सोना, 40 किलो चांदी एवं डेढ़ लाख रुपये नकद की चोरी हुई थी। पुलिस सिर पटकती रह गई, पर कुछ पता नहीं चला। लगभग छह महीने बाद कुछ स्थानीय चोरों की गिरफ्तारी के बाग हसन चिकना का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में लग गई।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस को पता चला कि वह अभी मुंबई में है और वहां किसी कांड को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद बोकारो एसपी कार्तिक एस ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया। फिर ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर करोड़पति ईनामी हसन चिकना को मुंबई में तब दबोच लिया गया, जब वह अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहा था। उसके पास से बड़ी संख्या में चोरी के गहने भी बरामद हुए। पुलिसिया पूछताछ में जो-जो खुलासे हुए, वे हैरान करनेवाले हैं। उसने बताया कि बोकारो एसबीआइ बैंक में चोरी करने से पहले रेकी की गई थी। एक माह में पंद्रह बार इस बैंक की रेकी की गई थी। साथ ही पूरे गैंग का भंडाफोड़ भी हुआ।
बोकारो एसपी कार्तिक एस के मुताबिक चोरी को अंजाम देने के बाद हसन चिकना धनबाद होते हुए पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित अपने घर गया था। यहां पर चोरी के गहनों को तौलकर चिकना की पत्नी फिरदौसी बीबी ने गैंग के सदस्यों को उनकी हैसियत के अनुसार बांट दिया था। हसन ने पुलिस को बताया कि लॉकर कांड को अंजाम देने के लिए हावड़ा निवासी अख्तर ने उसे चार लाख रुपये फाइनेंस किए थे। अख्तर का बहनोई अबुल हसन चोरी के गहनों से मिले रुपये को रियल स्टेट कारोबार में लगाता है। लॉकर कांड से चोरी किए गए गहनों को एक फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखकर अबुल ने गोल्ड लोन लिया और इनको रियल स्टेट कारोबार में लगा दिया।
अब पुलिस अबुल को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। उसके खाते को पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। बोकारो पुलिस के मुताबिक एसबीआइ लॉकर से चोरी किये गहनों एवं नकदी को हसन ने मुंबई सिबड़ी रे रोड की एक झोपड़ी में रखा था। हसन ने अपनी प्रेमिका को नवी मुंबई के नेरूल सेक्टर 20 स्थित पॉश इलाके में रखा था। झोपड़ी में रखे गहनों एवं नकदी को असुरक्षित मानकर वह उन्हें अपनी प्रेमिका के घर पर रखने जा रहा था, तभी रास्ते में बोकारो पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हसन के कारनामों की लिस्ट लंबी है।
लंबे समय से पश्चिम बंगाल, झारखंड, यूपी औप महाराष्ट्र पुलिस को उसकी तलाश थी। विभन्न राज्यों में वह ठेका लेकर बैंकों के लॉकर तोड़ा करता था। बोकारो में कांड को अंजाम देने के बाद इस वर्ष अप्रैल माह में हसन ने यूपी के इलाहाबाद के सिविल लाइन स्थित यूको बैंक की शाखा का लॉकर काटकर नकदी एवं गहने चुराए थे। यूपी की पुलिस ने इसके कुछ स्थानीय सहयोगियों को गिरफ्तार किया, तो खुलासा हुआ कि हसन चिकना ने ही इलाहाबाद में भी घटना को अंजाम दिया है। हसन बैंक लॉकर तोड़ने-काटने का एक्सपर्ट है। इसी वजह से देश के विभिन्न हिस्सों से कई गैंग उससे संपर्क करते थे।
हसन अपने गिरोह के गैस कटर से लॉकर काटने के एक्सपर्ट से लेकर सीसीटीवी, अलार्म समेत अन्य सुरक्षा उपायों को ध्वस्त करने वाले विशेषज्ञों को लेकर चोरी को अंजाम देता था। लॉकर काटते समय उसके साथी ध्यान रखते थे कि भीतर रखे सोने के गहने कहीं अधिक तापमान होने की वजह से पिघल न जाएं। वह सभी को काम के हिसाब से हिस्सा देता था। हसन अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। यूपी, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र पुलिस भी उससे पूछताछ करनेवाली है। एसबीआइ के 74 लॉकर तोड़कर हुई चोरी की जिस घटना ने पूरे देश को हतप्रभ कर दिया था, जब उसका राज खुला, तो सब हैरान रह गये।








