Zubeen Garg Case:
गुवाहाटी, एजेंसियां। बॉलीवुड सिंगर जुबिन गर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान एक ब्राह्मण युवक ने सार्वजनिक रूप से अपनी पवित्र ‘लगुन’ तोड़ दी, जो पारंपरिक रूप से ब्राह्मण पहनते हैं। युवक ने इस कदम के माध्यम से घोषणा की कि वह जाति और धर्म को नकारते हुए केवल एक इंसान के रूप में जीवन जिएगा।
युवक सन भगवती ने पत्रकारों से कहा
युवक सन भगवती ने पत्रकारों से कहा, “जन्म से मेरी जाति ब्राह्मण है, लेकिन मेरी कोई जाति या धर्म नहीं है। हमें इंसानों की तरह रहना चाहिए। मैं इसे तोड़ता हूं।” उन्होंने कैमरों के सामने अपने कपड़ों के नीचे से धागा निकाल कर तोड़ दिया और उसे कूड़ेदान में फेंक दिया। उनकी उम्र 30-35 साल के बीच बताई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जाति-धर्म की सीमाओं को छोड़कर सिर्फ इंसान बनकर जिएं।
जुबिन गर्ग का यह संदेश
जुबिन गर्ग भी जीवन में यही संदेश देते रहे। ब्राह्मण परिवार में जन्मे गायक ने कई मौकों पर कहा था कि उनका कोई धर्म या जाति नहीं है और वे बस एक इंसान हैं। भगवती के इस कदम ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींचा और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अधिकांश लोगों ने इसे सराहा, जबकि कुछ ने आलोचना भी की।
असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा
असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने युवक की आलोचना की और कहा, “मैं किसी के भी कैमरे के सामने सार्वजनिक रूप से अपनी लगुन तोड़ने के सख्त खिलाफ हूं। यह हमारी सनातन परंपरा के खिलाफ है।” मंत्री ने यह भी कहा कि जुबिन गर्ग की मौत की जांच प्रभावी ढंग से चल रही है।युवक के इस अभूतपूर्व कदम ने जाति-धर्म और इंसानियत पर नए विमर्श को जन्म दिया है और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
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