8th Pay Commission: परफॉर्मेंस के आधार पर बढ़ेगी सैलरी, खत्म होगा ‘सबको बराबर वेतन’ सिस्टम

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8th Pay Commission: नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है।

8th Pay Commission:

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। वित्त मंत्रालय जल्द ही आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करने की मंजूरी मिल गयी है। इस बार का वेतन आयोग पहले से बिल्कुल अलग होगा, क्योंकि इसमें सरकारी कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर प्राइवेट सेक्टर की तर्ज पर तैयार करने की योजना है।

वित्त मंत्रालय के टर्म्स ऑफ रेफरेंस के अनुसार:

वित्त मंत्रालय के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference) के अनुसार, सरकार चाहती है कि सरकारी नौकरियों में भी अब Efficiency (कार्यकुशलता), Accountability (जवाबदेही) और Responsibility (जिम्मेदारी) को आधार बनाया जाए। यानी अब वेतन वृद्धि और पदोन्नति केवल सीनियरिटी पर नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और रिजल्ट पर निर्भर करेगी।

इस नई नीति का मकसद है कि सरकारी नौकरियों को प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाया जाए, ताकि टैलेंटेड और कुशल लोग सरकारी क्षेत्र की ओर आकर्षित हों। खासकर आईटी, डेटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग और साइंस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वालों की सैलरी में बड़ा इजाफा हो सकता है।

आयोग को इस बार यह जिम्मेदारी दी गई है:

आयोग को इस बार यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह ऐसा ढांचा तैयार करे जिससे सरकारी कामकाज में प्रोडक्टिविटी और ट्रांसपेरेंसी बढ़े। इसके तहत परफॉर्मेंस-लिंक्ड बोनस सिस्टम (Performance-Linked Bonus System) लागू करने की सिफारिश की जा सकती है, जिसमें मेहनती और इनोवेटिव कर्मचारियों को अधिक इनाम मिलेगा।

7वें वेतन आयोग का फोकस:

7वें वेतन आयोग का फोकस जहां सैलरी स्ट्रक्चर को सरल बनाना था, वहीं 8वां आयोग मेरिट-बेस्ड और कंपटीशन-ओरिएंटेड सिस्टम पर काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव लागू हुआ तो भारत में सरकारी नौकरियों की परिभाषा बदल जाएगी अब इन्हें सिर्फ “सुरक्षित” नहीं बल्कि “सम्मानजनक और परफॉर्मेंस-ड्रिवन करियर” के रूप में देखा जाएगा।



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