8th Pay Commission
नई दिल्ली, एजेंसियां। आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन अब खुलकर अपनी मांगें सामने रखने लगे हैं। इसी कड़ी में फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की सिफारिश की है। संगठन ने 8वें वेतन आयोग के लिए 3.0 से 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर और मौजूदा 3% की जगह 5% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की है।
एफएनपीओ ने क्या कहा?
एफएनपीओ का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए मौजूदा वेतन वृद्धि नाकाफी है। संगठन ने अपने प्रस्ताव नेशनल काउंसिल (JCM–स्टाफ साइड) को सौंपते हुए कहा कि हर स्तर के कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर उचित नहीं होगा। इसलिए मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर अपनाया जाना चाहिए।
प्रस्ताव के अनुसार
प्रस्ताव के अनुसार, लेवल 1 से 5 तक के फाउंडेशनल कर्मचारियों के लिए 3.00 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है, ताकि निचले स्तर पर वास्तविक वेतन में आई गिरावट की भरपाई हो सके। लेवल 6 से 12 तक के मिडिल लेवल कर्मचारियों के लिए 3.05 से 3.10 का फैक्टर प्रस्तावित है। वहीं, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव और एपेक्स लेवल के लिए 3.20 से 3.25 तक का फिटमेंट फैक्टर रखने की बात कही गई है।
संगठन ने यह भी मांग की है कि 7वें वेतन आयोग की वेतन मैट्रिक्स प्रणाली को बरकरार रखा जाए, क्योंकि इससे वेतन निर्धारण में पारदर्शिता आई है। एफएनपीओ के अनुसार, यदि उनकी मांगें मानी जाती हैं तो लेवल-1 कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 54,000 रुपये हो सकता है, जबकि कैबिनेट सचिव स्तर पर यह 8 लाख रुपये से अधिक पहुंच सकता है।
एफएनपीओ ने बताया
एफएनपीओ ने बताया कि सभी संगठनों से सुझाव मिलने के बाद 25 फरवरी 2026 को एनसीजेसीएम की अहम बैठक होगी। इस बैठक में अंतिम मसौदा तैयार कर 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। अब केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें इसी बैठक और आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
