8th Pay Commission
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का बेसब्री से इंतजार है। पिछले साल नवंबर 2025 में सरकार ने 8वीं वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी थी। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस Ranjana Prakash Desai कर रही हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, लेकिन अभी तक इसके लागू होने की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है।
अंतरिम और फाइनल रिपोर्ट की संभावित तिथि
सूत्रों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग दिसंबर 2026 तक अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकता है। फाइनल रिपोर्ट 2027 तक आने की उम्मीद है। आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर और नई सैलरी का लाभ मिलेगा।
एरियर की गणना कैसे होगी
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, GenZCFO के फाउंडर CA Manish Mishra ने बताया कि एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से की जाने की संभावना है। इसका कारण यह है कि 7वें वेतन आयोग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 थी। भले ही भुगतान आयोग की सिफारिशों के बाद ही किया जाए, लेकिन तारीख 1 जनवरी 2026 से तय होने की संभावना है।
सैलरी में अनुमानित बढ़ोतरी
अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20–35% तक की वृद्धि संभव है। छठे वेतन आयोग में औसतन 40% की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 के अनुसार औसतन 20–35% बढ़ोतरी हुई।
अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.4–3.0 लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 30–32 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, अगर 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, तो 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी 58,500 रुपये तक बढ़ सकती है। ज्यादातर कर्मचारी प्रतिनिधि भी इसी 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।








